?श्री गणेशाय नम:? ‼️ जय प्रभु श्री जगन्नाथ जी ‼️
चातुर्मास विशेष – 2022
10 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो गया है , जो कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी 4 नवंबर को समाप्त होगा। इस दौरान भगवान विष्णु की योग निद्रा में चले जाएंगे एवं सृष्टि संचालन श्री शिव जी करेंगे।
इस अवधि में विवाह, सगाई ,मुंडन व उपनयन संस्कार आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे इसके बाद उन्हें 4 नवंबर से देवोत्थान एकादशी (देव् उठनी एकादशी) से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।
चतुर्मास के प्रारंभ हो जाने से चार माह तक शयन के पश्चात् पुनःभगवान विष्णु को कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन विधिवत जगाया जाता है इसलिए इसे देवोत्थान एकादशी के नाम से जाना जाता है ।इसके बाद शादी विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य विधिवत आरंभ हो जाते हैं।
नवंबर और दिसंबर महीने में होंगे 14 विवाह मुहूर्त :-
चातुर्मास की समाप्ति के बाद नवंबर से पुनः लग्न की शुरुआत हो जाएगी नवंबर और दिसंबर में विवाह के 14 मुहूर्त हैं नवंबर में 24,25,26,27,28 तथा दिसम्बर में 2,3,4,7,8,9,13,14,15 तारीख.
चातुर्मास में साधना का मिलता है विशेष फल:-
चातुर्मास के दौरान किसी तरह का मांगलिक कार्य निषिद्ध रहता है ।लेकिन इस दौरान साधक साधु संत विद्वत आचार्य 4 माह तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए ईश्वर भक्ति करें तो विशेष फलदायी होता है । श्रावण माह में शिव परिवार की पूजा आराधना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। जिसकी तैयारी सनातन वासी प्रारम्भ कर दिए हैं। ?️- -- विजय पंडा घरघोड़ा

