वन विभाग के निष्कृयता के कारण जिले में हाथी और मनुष्य के बीच जीवन का द्वंद्व लगातार जारी
वन विभाग के निष्कृयता के कारण जिले में हाथी और मनुष्य के बीच जीवन का द्वंद्व लगातार जारी है । इस तरह घटना आदिवासी अंचल में लगातार देखने को मिलता है आज रविवार सुबह तड़के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बटुराकछार गांव में एक महिला को हाथी ने कुचलकर मार डाला है। घरघोड़ा वन अमले द्वारा इसकी सूचना हाथी सहायता केंद्र रायगढ़ को दिया गया है। घरघोड़ा वन विभाग आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है
बारिश के इस मौसम में लगातार हाथियो की आवाजाही जिले में वनांचल क्षेत्र में जारी रहती है। वर्षों से हाथियों का विचरण इन क्षेत्रों में होता रहा है फिर भी वन विभाग मानव व हाथीयों के बीच के संघर्षों पर विराम लगाने विफल रही है, घरघोड़ा वन अमला न तो हाथियों के आवाजाही की निगरानी कर रहा है और न ही लोगों को आगाह कर रहा है। खेती किसानी के इस दौर में किसान अपने खेतों में कृषि कार्य के लिए जाते हैं ऐसे में हाथियों की आवाजाही से अनभिज्ञ ग्रामीण हाथियों के हमले में मौत को गले लगा रहे है। विभाग के आला अधिकारी भी जंगल का निरीक्षण नहीं कर रहे । करोड़ों रुपए हर वर्ष हाथियों पर खर्च कर रही है फिर अब तक कोई योजना का सफल क्रियान्वयन नहीं हो सका है वन विभाग आमजन बचा पा रही ना ही हाथियों को जिस तरह से हर वर्ष हाथियों की मौत हो रही है उसी तरह जीवन के इस प्रतिद्वंद्व में मनुष्य भी अपनी जान गंवा रहे। घरघोड़ा वन विभाग हाथियों के विषय में सबसे फिसड्डी साबित होता रहा है जबकि इस क्षेत्र में सबसे अधिक हाथियों की आवाजाही होती है, वर्ष भर घरघोड़ा वन मंडल परिक्षेत्र में हाथियों का रहवास होता है पर विभाग की कार्यप्रणाली यह है अभी तक कोई ठोस परिणाम देखने नहीं मिला है।

