धरमजयगढ़ कराते, चैंपियनशिप के आयोजक पर धोखाधड़ी का आरोप थाने में शिकायत दर्ज.
धरमजयगढ़ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कराते प्रतियोगिता की वैधता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस चैंपियनशिप के आयोजक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई किये जाने की मांग की गई है। स्थानीय पुलिस थाने में इस आशय की लिखित शिकायत करते हुए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले आरोपियों के विरुद्ध जांच कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है। दरअसल 23 व 24 जुलाई को धरमजयगढ़ के मंगल भवन में एक कथित संस्था के द्वारा कराते प्रतियोगिता रखी गई थी। इस बीच कराते असोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के पदाधिकारियों के द्वारा आयोजकों पर संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है कि आयोजनकर्ता संस्था वैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त नहीं है और न ही उन्होंने विधिवत अपनी संस्था का पंजीयन कराया है। पुलिस के आला अधिकारी के नाम सौंपे गए शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि भिलाई निवासी दीपक गुप्ता पिता दर्शन प्रसाद गुप्ता के द्वारा गैर मान्यता प्राप्त संस्था के नाम पर फर्जी तरीके से प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि आयोजक द्वारा जिस संस्था का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है वह खेल एवं युवा कल्याण विभाग व छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। इस तरह पालकों को गुमराह कर उनके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, साथ ही आरोप लगाया गया है कि आयोजकों के द्वारा प्रतियोगिता के नाम पर अनधिकृत रूप से राशि की वसूली की जा रही है। प्रार्थी द्वारा इस बात की सूचना दिये जाने के बाद धरमजयगढ़ थाना प्रभारी ने तत्काल दीपक गुप्ता को थाने में तलब किया गया। इस बीच थाना प्रभारी ने दीपक से उनके संस्था की वैधानिकता से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु नोटिस जारी किया गया। जिस पर दीपक गुप्ता द्वारा उनके संस्था प्रमुख के स्वास्थ्य संबंधी समस्या का हवाला देते हुए दस्तावेज पेश करने के लिए आगामी 26 जुलाई तक समय दिए जाने की मांग की गई। बहरहाल, विवाद के बाद मंगल भवन में आयोजित कराते चैंपियनशिप को फिलहाल टाल दिया गया है। बच्चों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पालकों की ओर से किसी तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस मामले में दीपक गुप्ता द्वारा अपने संस्था के वैधानिक होने के संबंध में फौरी तौर पर किसी भी प्रकार का दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराना काफी सवालों को जन्म दे रहा है।यह देखना भी दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले से जुड़े और किस तरह के नए तथ्य सामने आते हैं।

