अग्रसेन चौक निर्माण कार्य में टेंडर से पहले आधा से ज्यादा काम हो चुका

पत्थलगांव. पत्थलगांव में अग्रसेन चौक के लिए 7 सितंबर को टेंडर खुलना है। जबकि इससे पहले ही काम न केवल शुरू करवा दिया गया, बल्कि आधे से ज्यादा हो भी चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार पीडब्ल्यू के अधिकारियों पर आरोप है कि अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदार को पहले ही काम दे दिया और अब टेंडर की तैयारी है। टेंडर खुलने से पहले चौक निर्माण कार्य लगभग आधा से ज्यादा कार्य पूर्ण हो चुका है,अब बुधवार को टेंडर होगा। ऐसे में पहले से काम करवाए जाने पर सवार उठने लगे हैं।टेंडर खुलने से पहले ही अग्रसेन चौक निर्माण का काम शुरू करा दिया। मामला प्रकाश में आने के बाद महकमे में हड़कंप मचा है तथा विभागीय अफसर लीपापोती में लग गए हैं।दरअसल शासन द्वारा रेस्ट हाउस चौक का नामकरण अग्रसेन चौक करते हुए इसकी प्रशासकीय स्वीकृति दी थी अग्रसेन चौक के निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी विभाग को बनाया गया था पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसके लिए टेंडर निकाला है जिसके बाद टेंडर प्रत्याशी पूर्व ही यहां चौक का निर्माण शुरू हो जाने से विभाग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं जब भी बात करता नजर आया तो इस चौक को जहां पूर्व में 7 सितंबर को निविदा खोले जाने की तिथि निर्धारित थी वहीं अब विभाग ने अग्रसेन चौक के लिए टेंडर की तिथि को बढ़ा कर फिर से विवादो में ला दिया है।
पहले भी हुए खेल
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि टेंडर से पहले ही ठेकेदार ने काम शुरू करवा दिया हो। अग्रसेन चौक से पहले बस स्टेंड स्थित इंदिरा चौक का काम भी पहले ही हो चुका था। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री आगमन के दौरान आनन फानन में इंदिरा चौक का मुख्यमंत्री के हाथो उद्घाटन कराने बस स्टैंड इंदिरा चौक का सौंदर्यकरण कराया गया था जिसके बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने बगैर टेंडर कराए जा रहे कार्य को लेकर जमकर हंगामा मचाते हुए इसकी शिकायत तक की थी। वहीं अब अग्रसेन चौक कि प्रशासकिय स्वीकृति मिलने के पश्चात टेंडर से पूर्व अग्रसेन चौक का निर्माण कराए जाने को लेकर भी आगामी अग्रसेन जयंती में इस चौक का शुभारंभ किए जाने को बताया जा रहा है यही वजह है कि इस चौक को आनन-फानन में अग्रसेन जयंती से पूर्व बनाकार उद्घाटन जाने की योजना को लेकर कार्य रूप दिया जा रहा है। फिलहाल पूरी प्रक्रिया को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली और नियम विरुद्ध कार्य कराए जाने को लेकर जन चर्चा का दौर शुरू हो गया है वहीं इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।

