रायगढ़। छत्तीसगढ़ से फिर 66 ट्रेनों को बंद किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए मजदूर संगठन भारतीय कामगार संघ के जिलाध्यक्ष महादेव परिहारी ने कहा कि हिंदुओं के त्यौहार के समय ही केन्द्र सरकार छत्तीसगढ़ में चलने वाले एक्सप्रेस सुपरफास्ट एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को रद्द कर देती है यह घटना बीते आठ माह से चल रहे हैं।
तीजा पोरा के समय 68 ट्रेनों को रद्द किया गया था। जिसका परिचालन शुरू हुआ ही नहीं है अब पितृपक्ष, नवरात्रि पर्व और दशहरा के समय नजदीक आते ही एक बार फिर 66 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। बीते 8 माह में लगभग 500 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया है जिसके चलते ट्रेन में यात्रा करने वाली जनता मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं , आपको बता दूं रायगढ़ से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ के मजदूर खाने कमाने के लिए छत्तीसगढ़ से बहार जाते हैं और तीज त्यौहार में अपने घर वापस आते हैं, और धूमधाम से त्यौहार मनाते हैं । ट्रेनों की रद्द होने की स्थिति में मजदूरों को छत्तीसगढ़ अपना घर आने में समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं। छत्तीसगढ़ में 11 सांसद में से 9 सांसद भाजपा के हैं, उसके बाद भी छत्तीसगढ़ में ट्रेनों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रायगढ़, सारंगढ़, जशपुर सांसद गोमती साय जब से सांसद निर्वाचित हुई हैं अपने ही सुख सुविधा करने में व्यस्त हैं।
रायगढ़ शहर में उनके द्वारा अपने मद में एक भी विकास कार्य नहीं करवाये हैं, जो शहर की मजदूर वर्ग सबसे अधिक परेशानी में हैं, उनके लिए पीने के लिए पानी न शौचालय हैं और ना ही सिर छुपाने के लिए शेड है। मजदूर पुरुष, महिला अपने काम के तलाश में मजदूर चौक आते हैं पर वे बरसात के दिनों में भीगते हुए व गर्मी के दिनों में तेज धूप में काम के इन्तजार करते रहते हैं। वोट लेते समय तरह-तरह की लुभलुभावन वादा करते हैं। जैसे ही पद मिलता है, मजदूर वर्ग को भूल जाते हैं। आखिर कब तक मजदूर इन धोखेबाज नेताओं से ठगाते रहेंगे।

