रायगढ़:- छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिला को काला सोना याने कोयला हब की संज्ञा दी जा चुकी है लेकिन फिर भी रायगढ़ जिले की पहचान यहाँ की संस्कृति, कला की उपासना के लिए पहले से की जाती रही है। क्योंकि यहाँ से हर विधा में निपुण कलाविद निकले हैं जो देश-विदेश तक अपनी कला के माध्यम से अपना और रायगढ़ जिले का मान बढ़ाए हैं। चाहे वह हर कला में निपुण राजा चक्रधर सिंह जी हो या कलागुरु वेदमणि सिंह ठाकुर जी हो या मशहूर रंगकर्मी व रायगढ़ इप्टा के संस्थापक अजय आठले हो। चाहे कवि आनंदी सहाय शुक्ल जी हो। सब ने अपनी कला के माध्यम से रायगढ़ का मान बढ़ाया है। यह क्रम आज भी बदस्तूर जारी है। इसी में एक नाम आता है दीपिका नृत्यालय। जहाँ बच्चों को भरतनाट्यम की शिक्षा दी जाती है। जहाँ बहुत से बच्चे भरतनाट्यम एवं अन्य नृत्यकला की भी शिक्षा ले रहे हैं। जिनके शिष्य लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर अनेकों बार प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर रायगढ़ का नाम ऊँचा किए हैं।
अभी हाल ही में दुर्ग स्थित नृत्यधाम कला समिति द्वारा 06 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2022 तक देश राग के नाम से इंटरनेशनल एवं नेशनल स्तर पर नृत्य की प्रतियोगिता कराई गई। जहाँ दीपिका नृत्यालय के बच्चों ने 08 अक्टूबर को अपनी भरतनाट्यम कला का शानदार प्रदर्शन किया। जिसमें कु. रिद्धि कोशले, कु. वनिश्री पोद्दार ने द्वितीय स्थान एवं कु. रिद्धि साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपने अभिभावक, गुरु एवं शहर का नाम को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक सीढ़ी और पार कर लिया है।
इन बच्चों के उज्वल भविष्य की कामना करते हुए इन्हें एवं इनके गुरु को बहुत बहुत बधाई देते हैं।

