रायपुर. अमित जोगी जोगी को आशंका है कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, इसलिए ऋचा जोगी के नाम का नामांकन पत्र भी पार्टी ने ले रखा है। मगर इस कार्रवाई ने सस्पेंस बढ़ा दिया है।
मरवाही उपचुनाव में जनता कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं ऋचा जोगी
अमित जोगी ने कहा इस मामले में पूर्ण फैसला आने तक प्रमाण निरस्त करने पर रोक लगाई जाए
मरवाही उपचुनाव में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर है। 15 अक्टूबर गुरुवार की शाम एक बड़ी खबर सामने आई है। ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र अब निलंबित कर दिया गया है। ये कार्यवाही मुंगेली जिले के जिला जाति सत्यापन समिति ने की है। समिति का दावा है कि ऋचा जोगी द्वारा पेश किए गए दस्तावेज की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया। बीते सोमवार को ऋचा जोगी ने जाति प्रमाण पत्र मामले में अपना जवाब देने के लिए 10 दिनों का वक्त मांगा था। इस मामले में ऋचा के पति अमित जोगी ने कहा कि जानबूझकर जाति से जुड़े कानून में सरकार ने बदलाव किया, यह मरवाही उपचुनाव लड़ने से रोकने की साजिश है।
इसके बाद भी ऋचा दाखिल कर सकती हैं नामांकन
अमित जोगी ने कहा कि राजनीतिक दबाव और दुर्भावना में मेरी पत्नी का जाति प्रमाण पत्र निलंबित किया गया। यह लोग मेरे परिवार को चुनाव लड़ने से रोकन चाहते हैं। 24 सितंबर को एससीएसटी, ओबीसी एक्ट 2013 में नियम बदलने की वजह से समिति के पास सिर्फ प्रमाण पत्र निलंबित करने का अधिकार है। प्रमाण पत्र निलंबित होने के बाद भी ऋचा जोगी का नामांकन पत्र स्वीकार किया जाएगा क्योंकि निलंबन अस्थाई प्रक्रिया है। जब तक पूरी तरह से प्रमाण पत्र निरस्त नहीं होता, वैधानिक रूप से निर्वाचन अधिकारी को नामांकन पत्र स्वीकार करना होगा।
फैसला आने तक निरस्त ना करें प्रमाण पत्र
अमित और ऋचा के अधिवक्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि न्यायालय के फ़ैसले आ जाने तक निर्वाचन अधिकारी को राजनीतिक दबाव में आकर उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दें। ऋचा जोगी ने अपने अधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय के माध्यम से भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिख कर बताया है कि मुंगेली ज़िला सत्यापन समिति के समक्ष चल रहे प्रकरण के मामले में उच्च न्यायालय में याचिका लगाई है। मुखोपाध्याय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से कहा है कि इस मामले में ध्यान दें ।

