कमजोर इम्यूनिटी बनती है बीमारी का प्रमुख कारण
खरसिया। सर्दियों के मौसम ने दस्तक दे दी है। ऐसे में तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है। इस मौसम में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना माता-पिता के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
सिविल अस्पताल प्रभारी तथा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.दिलेश्वर पटेल ने कहा कि बच्चों के शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर होती है। जब बात बच्चों के स्वास्थ्य की हो, तो किसी भी तरह की लापरवाही करना उचित नहीं है। ऐसे में उन्हें इंफेक्शन और एलर्जी होने का खतरा रहता है। डॉ.पटेल ने बताया कि मौसम में परिवर्तन आने की वजह से बच्चों के शरीर का तापमान भी बदलता है। ऐसे में बच्चे इस तापमान को एडजस्ट नहीं कर पाते। वहीं बच्चों की कमजोर इम्यूनिटी बीमारी का प्रमुख कारण बन जाती है।

शिशुओं को करवाएं स्तनपान
बदलते मौसम में शिशुओं के लिए माँ का दूध बहुत फायदेमंद होता है। इसमें ऐसी एंटीबॉडीज पाई जाती हैं, जो शिशु को पेट के इंफेक्शन, गैस्ट्रोएंटेराइटिस आदि से बचाती है। डॉ.पटेल ने कहा कि स्तनपान बच्चों को सर्दी-जुकाम और छाती व कान के संक्रमण से भी बचाता है। पर्याप्त स्तनपान से बच्चा तंदुरुस्त भी रहता है। वहीं मौसम में बदलाव आने पर बच्चों के शरीर में पानी की कमी होने लगती है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप अपने बच्चे को अधिक एवं कई बार पानी पिलाएं।
ठंडी चीजों से करें परहेज
आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स बच्चों की फेवरेट होती है। लेकिन इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से जब मौसम में बदलाव होता है, तो बच्चों को सर्दी-जुकाम और बुखार होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में उन्हें आइसक्रीम, दही, केला और कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रखें। वहीं डॉ.पटेल ने कहा कि बच्चों के लिए शारीरिक गतिविधियां बहुत जरूरी हैं। बच्चे जितना फुर्तीले रहेंगे बीमारियां उनसे उतनी ही दूर रहेंगी। बच्चे को बोरियत न हो इसके लिए माता-पिता को भी उनके साथ टहलना चाहिए। वहीं बच्चों को आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रेरित करें।
उबला हुआ पानी पिलाएं
इस बदलते मौसम में बच्चों को उबला पानी पिलाना चाहिए। उबले हुए पानी का सेवन कराने से बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। उबलने की प्रक्रिया में पानी से सभी हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। वहीं डॉ.पटेल ने कहा कि बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और फास्ट फूड खिलाने से परहेज करना चाहिए। इन तरीकों को अपनाकर आप बच्चों की सेहत का ध्यान रख सकते हैं।

