रायगढ़. शनिवार से नवरात्रि शुरू हो रही है। अगले नौ दिन जगत जननी की भक्ति के होंगे। कोरोना संक्रमण के कारण भले ही मंदिरों में रौनक कम होगी लेकिन शक्ति के उपासकों में भारी उत्साह है। शुक्रवार को दिनभर बाजार में नवरात्र का उपवास और अनुष्ठान करने वाले सामग्री, फल और प्रसाद जुटाते रहे। सरकारी गाइडलाइन का पालन करने मंदिर प्रबंधनों ने तैयारी की है। बंजारीधाम में विराजित मां बंजारी के दर्शन भक्त ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे। बूढ़ी माई और अनाथालय देवी मंदिर में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मोबाइल पर लाइव दर्शन कर सकेंगे आप
1450 श्रद्धालुओं के नाम से मनोकामना ज्योत बंजारी मंदिर में जगमगाएंगी। आमतौर पर नवरात्रि के पहले दिन यहां 25 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने आते रहे हैं लेकिन इस बार भीड़ नहीं होगी। सोशल मीडिया में बंजारी मंदिर के नाम से पेज और ग्रुप्स बनाए गए हैं। जिसमें भक्त ऑनलाइन में दर्शन कर सकेंगे। मंदिर परिसर पर फेस कवर पहनकर और हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही एंट्री मिलेगी। किसी तरह प्रसाद या भोग लगाने पर प्रतिबंध होगा।
परिसर का गेट बंद होगा, बाहर से दर्शन
बूढ़ी माई मंदिर में मंदिर परिसर के गेट बंद रहेंगे। गर्भगृह खुला रहेगा, यहां पुजारी और मंदिर प्रबंधन के लोग ही होंगे। माता के दर्शन एक मीटर की सुरक्षित दूरी पर कतारबद्ध खड़े हो श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति होगी। यहां न तो प्रसाद चढ़ाया जा सकेगा और ना ही मंदिर से प्रसाद मिलेगा। तिलक लगाने पर भी प्रतिबंध होगा। मंदिर में दीप सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं के नाम पर जलेंगे जिन्होंने पर्ची चैत्र नवरात्र में कटवाई थी।
तैयारी पूरी, आज गूंजेगा जयकारा- इसके साथ ही अनाथालय देवी मंदिर, महामाया मंदिर, नया गंज स्थित समलाई मंदिर, जामगांव मानकेश्वरी मंदिर में भी सीमित संख्या में ही मनोकामना ज्योत जलेंगी। यहां मंदिर के भीतर भक्तों की भीड़ नहीं लगेगी। सभी मंदिर प्रबंधनों ने गोले बनाने के साथ ही बेरिकेडिंग की तैयारी कर ली है।
भास्कर अपील – मास्क जरूर लगाएं, भीड़ से बचना बेहद जरूरी
देवी भक्तों के लिए आज से नौ दिन तक त्योहार होगा। मंदिरों में बड़े आयोजन, सामूहिक आरती नहीं होगी लेकिन घरों में लोग अपने तरीकों से मां की आराधना करेंगे। जिले में अभी कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज है। हर दिन 200 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। भीड़ न हो इसलिए मंदिर प्रबंधनों ने तैयारी की है। आप देवी दर्शन के लिए जाएं भी तो सुरक्षित अंतर पर खड़े रहें, मास्क जरूर लगाएं। प्रसाद वितरण करने या ग्रहण करने से बचें। 8 दिन उपवास के होंगे, इम्यूनिटी घटेगी, ऐसे में पूरी सावधानी रखनी होगी ताकि पूजा में खलल न हो।

