सुकमा में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर जगह-जगह पानी भर गया है, और नक्सल प्रभावित चिंतलनार और लखापाल के बीच पानी के तेज बहाव से 50 फीट लंबी सड़क पूरी तरह से बह गई है। इसके परिणामस्वरूप 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
सुकमा कलेक्टर हरीश ने जिले के तीन विकास खंड के एसडीएम और तहसीलदार को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद जिला मुख्यालय में वाहन चलना पूरी तरह से बंद हो गया है, और कई इलाकों में पानी जमा हो गया है।
10 सितंबर को जिले भर में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है और राहत-बचाव कार्य जारी है। अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस, और जनप्रतिनिधि प्रभावित लोगों की मदद के लिए सक्रिय हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे यदि असुरक्षित महसूस करें या जलभराव की स्थिति देखें, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें और राहत शिविर में पहुंचें। अब तक 300 से अधिक लोगों को राहत शिविर में स्थानांतरित किया जा चुका है।

