छत्तीसगढ़ की बेटी हेमबती नाग ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। कोंडागांव की रहने वाली हेमबती को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 दिसंबर 2024 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) से सम्मानित किया। यह पुरस्कार हेमबती को उनके असाधारण खेल कौशल और उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया है।
खेलों में उत्कृष्टता और पदक विजेता
हेम्बाती नाग ने अपनी मेहनत और समर्पण से खेलों की दुनिया में खास पहचान बनाई है। वह खेलो इंडिया नेशनल गेम्स 2022 में शामिल होकर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं, जिससे उन्होंने छत्तीसगढ़ को खेलों में एक नई पहचान दिलाई। इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे उनकी प्रतिभा और खेल के प्रति उनके जुनून को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: सम्मान की परंपरा
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, जिसे भारत सरकार द्वारा हर वर्ष असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है, इस बार 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 17 बच्चों को मिला है। यह पुरस्कार सात श्रेणियों में प्रदान किया जाता है: कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, खेल और पर्यावरण। इस बार हेमबती नाग को खेल के क्षेत्र में उनकी अद्वितीय उपलब्धियों के लिए यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हेमबती को यह पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके योगदान की सराहना की और कहा कि इस पुरस्कार से सम्मानित बच्चों ने अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता की मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार न केवल इन बच्चों की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रतीक है, बल्कि यह अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ट्वीट और बधाई
हेम्बाती नाग को राष्ट्रपति से पुरस्कार मिलने की खबर के बाद, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ट्वीट कर हेमबती को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने हेमबती की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है और राज्य को गर्व है कि यहां की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का परिचय दे रही हैं।
वीर बाल दिवस पर सीएम का संदेश
उसी दिन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीर बाल दिवस के अवसर पर एक संदेश भी जारी किया। उन्होंने सिख पंथ के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए कहा कि 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाना हमारे लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है। इस दिन सिख इतिहास के महान बलिदानियों की शहादत को याद किया जाता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
छत्तीसगढ़ की महिलाओं और बच्चों का उभरता हुआ नेतृत्व
हेम्बाती नाग का यह सम्मान छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है। राज्य में खेलों, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्रों में बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मना रही हैं, और हेमबती नाग इसके बेहतरीन उदाहरण हैं। उनके जैसा उत्साह और कड़ी मेहनत आने वाले समय में अन्य बच्चों और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
हेम्बाती की सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और यह साबित करती है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है।

