रायपुर, 03 जनवरी 2025: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए बस्तर की बदलती हुई स्थिति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जब उन्होंने नए साल के पहले दिन अखबारों में बस्तर के बारे में पढ़ा, तो यह सुर्खियां माओवादी हिंसा से नहीं, बल्कि बस्तर में हुए विकास की उजाली से जुड़ी हुई थीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर से माओवादी आतंक अब सिमट चुका है और बस्तर की पहचान में एक बड़ा बदलाव आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की भूमिका को सराहते हुए कहा कि बस्तर में पत्रकारिता करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, क्योंकि यह क्षेत्र अपनी विविधताओं और समस्याओं से भरा हुआ है। बस्तर के पत्रकारों का काम सिर्फ सूचना का प्रसार करना ही नहीं, बल्कि जनता के विचारों, समस्याओं और उम्मीदों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना भी है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के इस संघर्षशील कार्य की सराहना की और उनके प्रयासों को नमन किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे उच्च आदर्शों का पालन करते हुए सरकार के अच्छे कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं, साथ ही अगर कोई कमी हो, तो उसे भी उजागर करें।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी बस्तर के पत्रकारों की अहम भूमिका की सराहना की और कहा कि बस्तर में पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करने में पत्रकारों का बड़ा योगदान है।
कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया और नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने न केवल पदाधिकारियों को शपथ दिलाई, बल्कि उन्हें नये दायित्वों के निर्वहन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा और बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री का यह संबोधन बस्तर में हो रहे विकास और पत्रकारिता की सशक्त भूमिका को उजागर करता है, जिससे इस क्षेत्र की पहचान में बदलाव आ रहा है और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी को भी और बढ़ाया गया है।

