कोरबा-कोरबी-चोटिया. वन मंडल कटघोरा के केंदई रेंज में अधिकारियों की लापरवाही से फिर एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई। 10 दिन पहले ही लमना के पास तालाब किनारे हाथी के बच्चे का शव मिला था। जिस हाथी के बच्चे की मौत हुई है, उसके संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि उसके एक पैर में चोट थी। वह झुंड में सबसे पीछे चलता था। डीएफओ शमां फारूकी का कहना है कि ट्रेकिंग में कर्मचारी लगे थे। उन्हें हाथियों के आपस में लड़ने की आवाज सुनाई पड़ी थी। इससे भी उसकी मौत हो सकती है। रेंजर का कहना है कि यह घटना जंगल में हुई है, जहां से 3 किलोमीटर कोई गांव नहीं है। केंदई रेंज में 45 हाथियों का झुंड घूम रहा है। इसमें छह से अधिक बच्चे हैं। सोमवार सुबह पोड़ी खुर्द के शिव सिंह ने दलदली नाला के किनारे हाथी के बच्चे का शव देखा तो उसने वन विभाग को जानकारी दी। यह स्थल घुंटापुर लाद पंचायत बीच में है। बच्चे की सूंड से खून भी निकला है। जानकारी मिलने के बाद डीएफओ शमां फारूकी, रेंजर एके चौबे वन अमले का साथ मौके पर पहुंचे। तीन पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव को दफना दिया गया।
दलदल में फंसा, हाथियों ने निकालने का प्रयास किया
हाथी का बच्चा पानी पीने गया होगा और कीचड़ में फंस गया होगा। घटनास्थल पर हाथियों के पदचिन्ह हैं, जिससे ऐसा लग रहा है कि हाथियों ने उसे निकालने का प्रयास किया होगा। इससे भी ग्रामीणों की बात की पुष्टि होती है कि वह लंगड़ा कर चल रहा था।
शव मिलने के 6 घंटे बाद पहुंचे वन अफसर
हाथी के शव मिलने की जानकारी सुबह 6 बजे आ गई थी, लेकिन वन अफसर दोपहर में पहुंचे। अधिकारी मुख्यालय में नहीं थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद ही आए। डीएफओ से सुबह 11.30 बजे चर्चा की गई तो कहतीं रहीं कि 5 मिनट में पहुंच जाऊंगी। लेकिन बाद में पहुंचीं।
पीएम में कारण नहीं बता पाए, अंदरूनी चोट का इशारा
पहले की तरह इस बार भी पशु चिकित्सकों की टीम मौत का कारण नहीं बता सकी। रेंजर चौबे का कहना है कि यह प्राकृतिक मौत है, लेकिन डॉक्टरों ने अंदरूनी चोट का इशारा बताया है, लेकिन कोई भी कुछ कहने से इनकार रहा है।
10 महीने के भीतर 4 हाथियों की गई जान
कटघोरा वन मंडल में 10 महीने के भीतर 4 हाथियों की जान चली गई। इसमें वन अधिकारियों की ही लापरवाही है। 2019 में पहाड़ से गिरकर और एक घायल हाथी की मौत हुई थी। इसी महीने दो हाथियों की मौत हुई है। इससे संख्या अब 4 हो गई है।
रिपोर्ट के बाद पता चलेगी मौत की वजह: डीएफओ
कटघोरा डीएफओ शमां फारूकी का कहना है कि हाथी के बच्चे की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा। हाथियों की ट्रेकिंग की जा रही थी। इसमें यह बात भी सामने आई है कि हाथियों की आपस में लड़ाई हुई है।

