जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज की एक हिंदू छात्रा ने प्रिंसिपल विंसी जोसफ पर जबरन धर्मांतरण का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा ने इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार, उसने नर्सिंग कॉलेज में फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया, लेकिन कुछ ही महीनों बाद प्रिंसिपल विंसी उसे बार-बार धर्म परिवर्तन कर नन बनने के लिए दबाव बनाने लगीं। छात्रा ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसके परिणामस्वरूप कॉलेज प्रबंधन ने उसके साथ भेदभाव शुरू कर दिया। अब, वह फाइनल ईयर की छात्रा है, लेकिन उसे 1 अप्रैल 2024 को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया।
छात्रा का आरोप है कि प्रिंसिपल विंसी ने उसे मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया और उसे कॉलेज परिसर में प्रवेश से भी रोका गया। इसके बाद, उसे वार्षिक परीक्षा से वंचित करने की कोशिश की गई। जब उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, तब जाकर उसे परीक्षा में बैठने दिया गया, लेकिन प्रबंधन ने उसे प्रैक्टिकल परीक्षा से बाहर रखने की कोशिश की।
इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख करनैल सिंह ने आरोप लगाया कि एक गरीब हिंदू लड़की को नन बनाने के लिए प्रताड़ित करना अत्यंत गंभीर है। उन्होंने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की।
प्रिंसिपल विंसी जोसफ ने छात्रा के सभी आरोपों को गलत बताया है और इस मामले को लेकर स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति को सामने रखा है। फिर भी, छात्रा और उसके समर्थक अब हिंसक उत्पीड़न और भेदभाव की जांच की मांग कर रहे हैं। यह मामला जशपुर में गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।
छात्रा ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई की उम्मीद रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने से संकोच नहीं करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और छात्रा के साथ ऐसा न हो।
इस घटनाक्रम ने जशपुर जिले में शिक्षा संस्थानों की निगरानी और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर से उजागर किया है।

