छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कररेगुट्टा की पहाड़ियों में बीते 72 घंटों से जारी मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को मार गिराया गया है। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा से लगे इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी यह संयुक्त ऑपरेशन अब तक का सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल लीडर हिड़मा, देवा और उनके साथियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी आधार पर डीआरजी, बस्तर फाइटर, कोबरा, सीआरपीएफ और एसटीएफ के जवानों ने मिलकर कररेगुट्टा की पहाड़ियों को चारों तरफ से घेर लिया और सघन तलाशी अभियान चलाया।
ऑपरेशन के दौरान रुक-रुककर फायरिंग जारी है, और पहाड़ियों में अब भी कई नक्सली छिपे होने की आशंका है। हाल ही में नक्सलियों द्वारा एक प्रेस नोट जारी कर इस इलाके में भारी संख्या में आईईडी बिछाए जाने की चेतावनी दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में सैकड़ों सीरियल आईईडी लगे होने की सूचना है, जिससे जवान बेहद सतर्कता से अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
इस ऑपरेशन की निगरानी खुद गृहमंत्री विजय शर्मा कर रहे हैं, और पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। वहीं सीआरपीएफ आईजी राकेश अग्रवाल, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और एडीजी विवेकानंद सिन्हा भी ऑपरेशन की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इस कार्रवाई को नक्सल नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। यदि हिड़मा या देवा जैसे टॉप लीडर्स का घेरा और गिरफ्तारी या मुठभेड़ में मार गिराना संभव होता है, तो यह नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार होगा।

