छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता पर जोर दिया। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरों में पानी की व्यवस्था आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से सुनिश्चित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रिहायशी इलाकों में उद्यान विकसित करने की प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि वहां रहने वाले बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के वॉकिंग, जॉगिंग, योग और व्यायाम के लिए स्थान उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में ‘अटल विश्वास पत्र’ का प्रमुखता से पालन करने के भी निर्देश दिए।
स्वच्छता के मुद्दे पर, साय ने सभी शहरों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का आदेश दिया और भारत सरकार द्वारा जारी स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के लिए कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि नगर निगम के आयुक्तों को इंदौर जैसे अच्छे सफाई व्यवस्था वाले शहरों में अध्ययन के लिए भेजा जाए, ताकि उन शहरों की सफलताओं से सीख लेकर इसे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा सके।
सीएम साय ने शहरी आबादी वाले क्षेत्रों के समीप ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों को नगरीय निकाय के रूप में शामिल किया जाए या उन्हें नए नगरीय निकाय के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने वाले नगर निगमों के लिए रिवॉर्ड सिस्टम स्थापित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एप या ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने का भी महत्व बताया।
इस बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी मौजूद थे। सीएम साय के इस दिशा-निर्देशों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में नगर विकास और स्वच्छता के स्तर को सुधारना है, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन व्यवस्था मिल सके।

