सक्ती. सोमवार की सुबह गरीब परिवार के घर उस समय मातम छा गया जब एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही की वजह से 23 साल के नौजवान इकलौते युवक की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक नगर के वार्ड 4 सोसायटी चौक में रहने वाले तथा होटल का व्यवसाय करने वाले रवि यादव के पुत्र कान्हा की विगत 10 दिनों से तबियत खराब थी। रवि यादव के अनुसार उसका इलाज ईदगाह के पास रहने वाले सालिक राम पटेल कर रहा था। 2 दिनों पूर्व डॉक्टर ने पीलिया बताया। ड्रिप लगाकर इलाज भी किया जा रहा था। युवक के पिता ने बताया कि सोमवार की सुबह एकाएक युवक को सांस लेने में तकलीफ होने लगी तथा चक्कर आने के बाद वह अचेत हो गया और उसकी मौत हो गई। फिर भी उसे जांच के लिए नगर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
कोरोना व कार्रवाई का डर नहीं, बेखौफ कर रहे इलाज
लगातार कोरोना के मरीज मिलने के बाद भी झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा बेधड़क इलाज किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने की वजह से इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं। नगर के ऐसे अधिकांश इलाके हैं, जहां झोलाछाप डॉक्टर कोरोना के भय से मुक्त होकर बेधड़क इलाज कर रहे हैं। लक्षण होने के बावजूद उनका कोरोना टेस्ट नहीं कराया जाता।

