कोरबा जिले में महज दो दिन की मानसूनी बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। चिमनीभट्ठा, बरेठ मोहल्ला और अन्य बस्तियों में पानी घरों में घुस गया, सीवर ओवरफ्लो हो गए और लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई। सबसे दुखद बात यह रही कि बारिश के कारण करंट फैलने से 12 वर्षीय छात्रा भूमि की मौत हो गई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
हर साल की कहानी, इस बार एक जान भी गई
वार्ड नंबर 12 चिमनीभट्ठा की स्थिति हर साल की तरह इस बार भी भयावह हो गई है। गंदा पानी नालियों से ओवरफ्लो होकर घरों में घुस गया है, जिससे लोग घरों में कैद हो गए हैं। बस्तीवासी लगातार कह रहे हैं कि उन्होंने कई बार नगर निगम को शिकायत की, पर स्थायी समाधान आज तक नहीं निकला। जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने से लोगों को बिजली, पीने के पानी और बच्चों की पढ़ाई तक में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
करंट बना मौत का कारण
सबसे दर्दनाक घटना सर्वमंगला नगर के बरेठ मोहल्ला में घटी, जहाँ भूमि निषाद नाम की छात्रा करंट की चपेट में आ गई। सुबह स्कूल के लिए तैयार होते वक्त जब वह कमरे की लाइट बंद कर रही थी, तभी उसे करंट लगा और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। भूमि कक्षा छठी की छात्रा थी और पढ़ाई में बेहद होशियार थी। परिवार मजदूरी करके उसे निजी स्कूल में पढ़ा रहा था, लेकिन अब घर पर सिर्फ उसकी यादें रह गई हैं।
स्थानीय प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल की बारिश के साथ ऐसी ही त्रासदी झेलनी पड़ती है, लेकिन नगर निगम सिर्फ कागज़ी कार्यवाही तक सीमित रहता है। नालियों पर अवैध निर्माण, जल निकासी के अभाव और बिजली की लचर व्यवस्था ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।
बिजली सुरक्षा बन रही गंभीर चुनौती
यह हादसा बताता है कि बिजली सुरक्षा को लेकर प्रशासन और आम लोगों दोनों में ही जागरूकता की भारी कमी है। विशेषज्ञ लगातार कहते आए हैं कि बारिश के मौसम में बिजली उपकरणों की नियमित जांच और ग्राउंडिंग सिस्टम की निगरानी बेहद जरूरी है। लेकिन न तो जागरूकता अभियान चलते हैं, न ही नगर निगम इस ओर कोई ठोस कदम उठाता है।

