कोरबा जिले में लगातार तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी वर्षा के चलते जिले के नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इस बारिश से सबसे गंभीर स्थिति गेरवां पंचायत के बांसाझर्रा गांव में देखने को मिली, जहां स्टॉप डैम टूट गया, जिससे खेतों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया।
डैम टूटा, खेतों में भरा पानी
बांसाझर्रा में बना यह स्टॉप डैम ग्रामीणों के लिए एक अहम जलस्रोत था, जिसका उपयोग खेती और निस्तार दोनों के लिए किया जाता था। ग्रामीणों ने बताया कि यह डैम पूर्व विधायक ननकी राम कंवर के प्रयासों से बना था और पिछले कई वर्षों से यह आसपास के गांवों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता आ रहा था। डैम के टूटने से स्थानीय किसानों को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि खेतों में पानी भरने से फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
सड़क संपर्क भी टूटा
लगातार हो रही बारिश के कारण बड़मार से कोई गांव को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की पुलिया बह गई है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। ग्रामीणों को अब आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करनी पड़ रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता संतोष नाग ने बताया कि यह पुलिया लगभग 20 साल पुरानी थी और बारिश रुकने के बाद इसका पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
बारिश से प्रभावित क्षेत्र और आंकड़े
कोरबा जिले में पिछले 24 घंटों में औसतन 75.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसमें करतला ब्लॉक में सबसे अधिक 151.4 मिमी बारिश हुई, जबकि कोरबा में 126 मिमी, बरपाली में 58.5 मिमी, पाली में 30.02 मिमी, कटघोरा में 35.5 मिमी और पसान में 89.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 260.01 मिमी बारिश हो चुकी है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत 242.4 मिमी से लगभग 7.3% अधिक है। हालांकि, पिछले साल इस समय तक 312.4 मिमी बारिश हो चुकी थी।
हसदेव बांगो बांध का जलस्तर बढ़ा
झमाझम बारिश के कारण हसदेव बांगो बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 346 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी कुल क्षमता 359.66 मीटर है। यह जलस्तर फिलहाल लगभग 35% तक भर चुका है और पिछले 24 घंटों में 91.88 मिलियन घन मीटर पानी की आवक दर्ज की गई है।
प्रशासन सतर्क, राहत और बचाव कार्य जारी
जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। साथ ही, राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाई जा रही है और स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।

