दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव जिलों में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शिवनाथ नदी में मोंगरा बैराज से 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी उफान पर है। निचली बस्तियों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क मोड पर रखा गया है। बारिश के कारण खेतों, सड़कों और नालों में पानी भर गया है।
राजनांदगांव जिले में बीते 24 घंटे में औसतन 71.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश छुरिया तहसील में 107.9 मिमी हुई। कलेक्टर और एसपी ने अधिकारियों की आपात बैठक लेकर बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। जिले में तीन बोट, छह आसता लाइट, तीन ऊंट कटर, और 21 गोताखोरों के साथ पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं।
बारिश के इस दौर में शहरवासियों को एक राहत की खबर भी मिली है। मेडिकल कॉलेज मोड़ से लेकर आरके नगर चौक तक राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर 7 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाने को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक दिग्विजय सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद संतोष पांडेय को पत्र लिखकर जानकारी दी है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी के लिए आग्रह किया था।
इधर, भिलाई नगर निगम क्षेत्र में महापौर नीरज पाल और एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने जुनवानी रोड, शांति नगर, नेहरू भवन और सुपेला के मोहल्लों में नालों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज के पास 12.5 HP की मोटर से लगातार पानी निकाला जा रहा है और बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
महापौर ने सुपरवाइजरों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव न हो, इसके लिए सतत निगरानी रखें। नालों में प्लास्टिक और कचरा जमा न होने पाए, इसके लिए सफाई कर्मियों को तैनात किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर मशीनरी का प्रयोग कर समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।

