जगदलपुर, 11 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। सरेंडर करने वालों में 14 पुरुष और 8 महिला नक्सली शामिल हैं।
इन नक्सलियों ने कुतुल और आमदाई एरिया कमेटी में सक्रिय रहते हुए लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों में भाग लिया था। बताया गया है कि ये सभी नक्सलियों की खोखली विचारधारा और उनके भीतर के अत्याचारों से त्रस्त होकर आत्मसमर्पण करने को मजबूर हुए।
इस सरेंडर अभियान में एक नक्सली दंपति भी शामिल है, जिनमें सुखलाल, एक एरिया कमांडर रहा है और उस पर ₹8 लाख का इनाम घोषित था। उसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
इन सभी 22 नक्सलियों पर कुल मिलाकर ₹37 लाख का इनाम घोषित था। ये नक्सली कई वर्षों से राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए थे और सुरक्षाबलों को इनकी लंबे समय से तलाश थी।
आत्मसमर्पण की प्रमुख बातें:
- कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
- इनमें 14 पुरुष और 8 महिलाएं, एक नक्सली दंपति भी शामिल
- सरेंडर करने वाले अधिकांश कुतुल और आमदाई एरिया कमेटी से जुड़े
- सुखलाल नामक एरिया कमांडर पर ₹8 लाख का इनाम
- सभी पर कुल मिलाकर ₹37 लाख का इनाम घोषित था
प्रशासन ने स्वागत किया
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत किया और उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सहायता देने की बात कही है। इन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी ताकि ये लोग समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
एक बड़ा संकेत
यह आत्मसमर्पण घटना नक्सल आंदोलन के भीतर चल रहे असंतोष और टूटते नेटवर्क का एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। लगातार बढ़ती सुरक्षा कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सली अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने को तैयार हो रहे हैं।

