जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में एक सिपाही द्वारा की गई आत्महत्या ने सभी को चौंका दिया है। परपा थाना क्षेत्र स्थित सरकारी क्वार्टर में रहने वाले 42 वर्षीय आरक्षक संदीप बाकला ने गुरुवार की सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय हुई जब घर में सभी सदस्य मौजूद थे। आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
परपा थाना के पीछे स्थित सरकारी आवास में रह रहे संदीप बाकला लंबे समय से यातायात विभाग में पदस्थ थे। हाल ही में उनका स्थानांतरण लोहंडीगुड़ा थाना कर दिया गया था। गुरुवार की सुबह उन्होंने घर में किसी काम की बात कहकर अपने कमरे में प्रवेश किया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो परिजनों को चिंता हुई।
परिवार वालों ने आसपास के लोगों को बुलाया और मिलकर दरवाजा तोड़ा। कमरे के अंदर आरक्षक संदीप फांसी के फंदे पर लटके मिले। आनन-फानन में रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा गया और तत्काल मेकाज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी एवं एसडीओपी मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ शुरू की गई।
इस हृदयविदारक घटना ने पुलिस महकमे को भी स्तब्ध कर दिया है। संदीप बाकला के साथियों और परिजनों के अनुसार वह मानसिक रूप से सामान्य थे और आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोई पूर्व सूचना या व्यवहार में परिवर्तन नजर नहीं आया था। स्थानांतरण की बात को लेकर भी उन्होंने घर में किसी प्रकार की चिंता जाहिर नहीं की थी।
पुलिस अब संदीप के फोन, निजी दस्तावेजों और उनके संपर्कों की जांच कर रही है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। परिजनों की ओर से अभी तक किसी पर संदेह नहीं जताया गया है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
यह घटना न केवल संदीप के परिवार के लिए बल्कि पूरे विभाग के लिए एक बड़ा झटका है, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर क्या कारण रहा कि एक अनुभवी और शांत स्वभाव वाला सिपाही ऐसा कठोर कदम उठाने को मजबूर हो गया।

