राजिम . फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम सरकड़ा स्थित मिडिल स्कूल में एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां कक्षा छठवीं में पढ़ने वाला एक नाबालिग छात्र लगातार दो दिनों तक चाकू लेकर स्कूल पहुंचा और साथी छात्रों को डराने के साथ-साथ एक शिक्षिका को जान से मारने की धमकी तक दे डाली। घटना के बाद स्कूल में भय का माहौल है और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र ने पहले अपने साथियों को चाकू दिखाकर डराया और फिर एक शिक्षिका को निशाना बनाते हुए गंभीर धमकी दी। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब स्कूल की प्रधान पाठिका लता सोनी को इस घटना की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत संबंधित छात्र के बैग की तलाशी ली, जिसमें से एक चाकू बरामद हुआ। सौभाग्य से कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई, लेकिन यह घटना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े करती है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल ग्राम सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित किया। इस बीच घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया। वीडियो में छात्र के आक्रामक व्यवहार को देखा जा सकता है, जिसने अभिभावकों और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामेन्द्र जोशी से जब इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने प्रारंभिक रूप से अनभिज्ञता जताई, लेकिन जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों और फिंगेश्वर पुलिस ने स्कूल पहुंचकर जांच की और छात्र के साथ उसके पिता को कड़ी समझाइश दी गई।
यह घटना केवल एक छात्र की अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। यह साफ दर्शाता है कि कम उम्र में ही बच्चों में हिंसा की प्रवृत्ति पनप रही है, जिसका एक बड़ा कारण घर-परिवार और डिजिटल माध्यमों का अनियंत्रित प्रभाव हो सकता है।
शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों को मिलकर बच्चों की मानसिक स्थिति, व्यवहार और गतिविधियों पर सतत निगरानी रखनी होगी। साथ ही, स्कूलों में सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करना अब समय की मांग बन गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

