छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों का उत्पात देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश के अनुपपुर जिले से आया चार हाथियों का दल गूजरनाला पार करते हुए मरवाही वन क्षेत्र में पहुंचा है। इस दल ने रातभर किसानों की फसलों को रौंद डाला, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथियों का यह दल अब सिवनी वन बीट के मालाडाड पंचायत के दैईगवा गांव के पास पलाश के प्लाट में डेरा डाले हुए है।
सूत्रों के अनुसार, यह वही हाथियों का झुंड है जो लगभग डेढ़ माह पहले छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले में घुसा था। अब 45 दिनों बाद यह झुंड पुनः छत्तीसगढ़ लौट आया है और फिर से फसलें बर्बाद कर रहा है। हाथियों के आने की खबर से स्थानीय ग्रामीणों में भय व्याप्त है। उनकी मेहनत से तैयार की गई फसलें रातोंरात उजड़ रही हैं।
वन विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क है। लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभागीय अमला स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है और उन्हें हाथियों के नजदीक न जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी देर रात खेतों में घुस आते हैं और धान, मक्का जैसी फसलों को पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। इससे ना केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की जान का भी खतरा बना हुआ है। कई बार हाथी रिहायशी इलाकों में भी पहुंच जाते हैं, जिससे बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

