बिलासपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सामाजिक कुरीतियों का शिकार एक पुलिस अधिकारी और उसका परिवार हुआ है। कांकेर जिले में पदस्थ डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) मेखलेंद्र प्रताप सिंह ने दूसरे समाज की युवती से प्रेम विवाह किया, जिसकी कीमत उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक बहिष्कार के रूप में चुकानी पड़ रही है।
यह मामला बिलासपुर जिले के कोटा थाना अंतर्गत बेलगहना मानिकपुर गांव का है, जहां डीएसपी सिंह का मूल निवास है। अंतरजातीय विवाह करने पर गांव के समाज प्रमुखों और कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने एक सामाजिक बैठक आयोजित कर उनके पूरे परिवार का बहिष्कार करने का फैसला लिया। इसके बाद से डीएसपी के परिजनों को सामाजिक आयोजनों में शामिल होने से रोका जा रहा है, रिश्तेदारों के घर बुलाना बंद कर दिया गया है, और गांव में भी उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया जा रहा है।
समाज द्वारा की जा रही इस प्रताड़ना से तंग आकर डीएसपी के भाई-बहन ने इस विषय की जानकारी मेखलेंद्र प्रताप सिंह को दी। उन्होंने तत्काल इस भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वीरेंद्र कुमार सिंह, श्रवण सिंह, धर्मेंद्र सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 7, 2, 296, 3, 5, 351, 2 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि भले ही देश प्रगति की दिशा में अग्रसर हो, लेकिन सामाजिक स्तर पर अब भी कई पिछड़ी मानसिकताएं मौजूद हैं, जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन करती हैं।

