जशपुर. अपने हौसले के दम पर शहर की सुमन ताम्रकार ने कोरोना को मात देने के बाद ना सिर्फ माउंट ट्रेकिंग टीम में अपनी जगह बनाई, बल्कि उसने पर्वत की चाेटी पर तिरंगा लहराते हुए जशपुर जिले का नाम राेशन किया। हिमाचल प्रदेश के सोलांग वैली में स्थित माउंट फ्रेंडशिप पर 5289 मीटर ऊंचाई (17353 फीट) पर सुमन ने 21 अक्टूबर की सुबह 11.8 मिनट पर तिरंगा लहराया है। आज सुमन अपने गृहनगर जशपुर वापस लौट रही हैं। माउंट ट्रेकिंग में पर्वत के शिखर पर पहुंचने वाली सुमन जिले की पहली पर्वतारोही बन गई हैं। इसके साथ ही सरगुजा संभाग की पहली महिला पर्वतारोही होने का गौरव भी सुमन ने प्राप्त किया है। शहर के भागलपुर निवासी सुमन ताम्रकार की काेराेना रिपोर्ट 22 अगस्त को पॉजिटिव आई थी। वह अपनी मां रमा ताम्रकार के साथ दस दिनों तक कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती भी थीं। यहां से निकलने के बाद सुमन ने माउंट ट्रेकिंग टीम में अपनी जगह बनाने के लिए फिर से मेहनत शुरू कर दी। 9 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ से पर्वतारोहियों का 20 सदस्यीय दल माउंट ट्रेकिंग के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना हुआ था, जिसे गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। माउंट ट्रेकिंग में 8 राज्य (छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली) के पर्वतारोही शामिल हुए थे। इस दल में अधिकांश खिलाड़ी छत्तीसगढ़ से थे।
दल में 20 सदस्य शामिल थे, 8 ही पर्वत की शिखर तक पहुंच पाए
सुमन ताम्रकार ने भास्कर को बताया कि पर्वतारोहियों के 20 सदस्यीय दल में से सिर्फ 8 लोग ही माउंट फ्रेंडशिप पिक पर पहुंच पाए थे। सुमन ने बताया कि उन्हें पर्वत की चोटी तक पहुंचने में 4 दिन और वापस आने में 2 दिन का वक्त लगा था। 7 दिन में इस अभियान को पूरा करने का लक्ष्य मिला था। पर्वत की पिक पर तापमान माइनस डिग्री में था। दल के अधिकांश सदस्य बर्फबारी व अन्य समस्याओं के कारण फ्रेंडशिप पिक तक नहीं पहुंच सके थे।
कोरोना के कारण आई कमजोरी को पहले हराया
सुमन ने बताया कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई दिनों तक शरीर में कमजोरी महसूस होती है। वायरस सीधे फेफड़े पर असर तो करता ही है, पर इस कमजोरी से वह लड़ी। सुमन ने बताया कि उसने खुद को पॉजिटिव रखा। पॉजिटिव वीडियो देखे और किताबें पढ़ती रहीं। होम आइसोलेशन पूरा करने के बाद जॉगिंग व एक्सरसाइज शुरू की। साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पोषण आहार लिया। एक माह में इतनी स्वस्थ हो गई कि पर्वतारोही के दल में उसे शामिल कर लिया गया।
पाठकों को संदेश: हौसला और लगन से सबकुछ संभव
सुमन ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी यदि कोई जीत दिलाता है तो वह आपका खुद का हौसला व सच्ची लगन है। मैंने इस बार इसे आजमाया और यह सचमुच काम करता है।

