बिलासपुर. हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया को अदालत के फैसले से बाधित कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवम्बर को निर्धारित की गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच में हुई। छत्त्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने जनवरी 2019 में 1384 पदों पर सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया। इसमें राज्य के मूल निवासियों के लिए 40 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई थी। इसके बाद एक शुद्धिपत्र एक फरवरी को जारी किया गया। इसमें आरक्षण का उल्लेख था। 23 फरवरी को जारी नए शुद्धिपत्र में विकलांग कोटे का जिक्र कर कहा गया कि आयोग का पोर्टल 3 मार्च से खुलकर 4 अप्रैल को बंद होगा। जिसमें सभी पात्र अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद फिर दिसंबर में शुद्धिपत्र निकालकर विकलांग सीट को बदल दिया गया। 6 सितंबर को एक बार फिर पोर्टल खुला इसमें लिखा गया कि पात्र अभ्यर्थी 20 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं इस बीच सेट परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्रों ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि हमें भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल करें। पीएससी ने इन लोगों को अनुमति दे दी। इसे ही फिर क्षीर सागर पटेल समेत 5 लोगों ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता घनश्याम कश्यप व ईशान वर्मा के माध्यम से चुनौती दी।

