लोहर्सी. गांव के एक रिटायर्ड शिक्षक पहले से लकवा से पीड़ित थे। बुधवार को उन्हें फिर दौरा पड़ा तो उन्हें पहले सीएचसी ले जाया गया।,जहां से उन्हें सिम्स रेफर किया गया। वहां टेस्ट हुआ तो कोरोना की पुष्टि हुई, फिर इलाज के लिए कोविड अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार गांव में कोविड प्रोटोकाल के तहत किया गया। लोहर्सी के सेवा निवृत शिक्षक कार्तिक राम धीवर 80 वर्ष विगत तीन चार माह से लकवा बीमारी से पीड़ित थे। दो दिन पहले उन्हें लकवा की शिकायत होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पामगढ़ ले जाया गया। स्थिति गंभीर होने पर सीएचसी के डॉक्टर ने सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। वहां भर्ती करने से पहले कोरोना जांच की गई तो कोरोना पॉजिटिव पाए गए। कार्तिक राम को इलाज के लिए जिला कोविड अस्पताल बिलासपुर में भर्ती किया गया। जहां उनकी मौत हो गई। शव सुपुर्दगी के लिए एसडीएम द्वारा नायब तहसीलदार संदीप साय, हल्का पटवारी लोहर्सी पद्मलोचन सिदार, रामबिलास आरएचओ व सचिव ऐसिक लाल की ड्यूटी लगाई गई थी।
कोरोना का नहीं था लक्षण
कार्तिकराम के परिवार वालों ने बताया कि उनको लकवा था। सर्दी-बुखार इत्यादि की शिकायत नहीं थी। इसके पूर्व ग्राम में एक अन्य व्यक्ति ठंडाराम की भी कोरोना पॉजिटिव से 9 सितंबर को मौत हो चुकी है। ग्राम में अब तक कोरोना से दो व्यक्ति की मौत हो गई है।

