सक्ती. शौचालय के पानी निकासी को लेकर उत्पन्न हुआ विवाद बढ़ गया है, व्यापारी और नेता एक दूसरे की शिकायत करने थाना पहुंच गए। नेता ने व्यापारी के दो मंजिला मकान की शिकायत एसडीएम से की जिस पर राजस्व अमले की टीम ने स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन एसडीएम को सौंपा है जिसमें यह पाया गया है कि उक्त निर्माण अवैध रूप से किया गया है। नगर के बुधवारी बाजार में शासकीय पशु चिकित्सालय संचालित है उसके पीछे खाली जगह है। मोहल्लेवासियों ने शौचालय से निकल रहे गंदे पानी तथा गंदगी की सफाई के संबंध में वार्ड पार्षद से शिकायत की थी जिस पर संज्ञान लेकर पार्षद ने अपने प्रतिनिधि को गंदा पानी छोड़ने वाले व्यापारी रवि बंसल को समझाइश देने भेजा था, ताकि वह सफाई व्यवस्था बनाये रखने में मदद करे, किंतु वाद विवाद हो गया। उसके बाद कपड़ा व्यापारी रवि बंसल तथा संजय अग्रवाल ने थाने में एक दूसरे के विरूद्ध शिकायत करते हुए आवेदन दिया है। संजय अग्रवाल ने व्यापारी का मकान बेजाकब्जा में होने तथा तीन मंजिला दुकान मे निजी कंपनी के मोबाइल टावर कंपनी को किराए पर देने की शिकायत एसडीएम से की थी।
जांच टीम को 578 वर्ग फीट पर मिला अवैध कब्जा
शिकायत के बाद एसडीएम ने नायब तहसीलदार शिवकुमार डनसेना तथा राजस्व निरीक्षक की टीम को मौका जांच के लिए भेजा। जांच के बाद दल ने जांच प्रतिवेदन एसडीएम को सौंप दिया है। जांच दल ने बताया है कि रवि बंसल ने मवेशी अस्पताल के अहाता किनारे 578 वर्गफीट अतिक्रमण कर पक्का दो मंजिला मकान बनाया हुआ है तथा छत के उपर टावर लगा होना पाया है। जांच दल ने यह भी पाया की अतिक्रमण के कारण आवागमन में भी राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिवेदन में यह भी बताया गया है कि गंदगी फैलाने की शिकायत भी सही पाई गई है।
जांच पूरी हो चुकी है
“शिकायत के बाद मौका में स्थल जांच के लिए गए थे। राजस्व निरीक्षकों ने जांच प्रतिवेदन बनाकर एसडीएम को सौंप दिया है।”
-शिवकुमार डनसेना , नायब तहसीलदार, सक्ती
अवैध निर्माण किया गया है
“जांच में अवैध निर्माण पाया गया है। मोबाइल टावर भी लगा हुआ है। प्रतिवेदन तैयार कर एसडीएम को दिया गया है।”
-गोविन्द राम अनंत, राजस्व निरीक्षक, सक्ती

