बिलासपुर. गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अभी ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। वहीं किसी ने यूनिवर्सिटी के कुलसचिव के हस्ताक्षर से पत्र जारी कर दिया है कि कक्षाएं ऑफलाइन चलेगीं। छात्रों ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की मांग की। तब यूनिवर्सिटी ने कहा कि इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। किसी ने कुलसचिव के हस्ताक्षर से गलत पत्र जारी किया है। अभी भी कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगीं। लेकिन अभी तक इस मामले में यूनिवर्सिटी ने जांच कमेटी नहीं बनाई है और न ही पुलिस को सूचना दी है। अब सवाल है कि पत्र यूनिवर्सिटी के ही लोग जारी किए हैं कि बाहर के। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने कुलसचिव के हस्ताक्षर से जारी फर्जी पत्र वेबसाइट पर अपलोड की है। इस पत्र में लिखा है कि 1 नवंबर से एमए पत्रकारिता विभाग, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, एमएससी वनस्पति शास्त्र, प्राणीशास्त्र, एम.फार्मा. और सभी पीएचडी छात्रों को यूनिवर्सिटी में उपस्थिति देना है। इन विभाग के छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं बंद हो जाएंगी। पत्र में क्वार्डिनेटर और सदस्यों के नाम भी लिखे हैं। इस तरह का पत्र छात्र और उनके अभिभावकों को भेजा गया है। पत्र मिलने के बाद छात्र यूनिवर्सिटी पहुंच गए थे। कक्षाएं संचालित करने की मांग किए। यूनिवर्सिटी ने कहा कि ऐसा कोई पत्र यूनिवर्सिटी जारी नहीं की है। यूनिवर्सिटी कोई भी पत्र जारी करती है, तो वेबसाइट पर अपलोड करती है। उसे ही सही माना जाए। अभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी।
न जांच कमेटी बनी, और न थाने में शिकायत
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने जारी फर्जी पत्र के लिए जांच कमेटी अभी तक नहीं बनाई है। इस मामले की शिकायत भी यूनिवर्सिटी थाने में नहीं दी है। मामले में सीयू की मीडिया सेल प्रभारी डॉ. प्रतिभा जे. मिश्रा ने कहा कि अभी फिलहाल पत्र का खंडन किया गया है। आगे जांच होगी। पुलिस में शिकायत की आवश्यकता नहीं है। मेल से छात्र व अभिभावकों को पत्र भेजा गया है इसलिए आसानी से पता चल जाएगा।

