10 दिन बाद भी आदेश का पालन नहीं
जशपुर. राज्य शासन ने आरक्षित वर्ग एसटी, एससी व ओबीसी की छात्राओं को बीएससी नर्सिंग में एडमिशन के लिए कट आफ मार्क्स में 5 फीसदी अंकों की छूट दी है। अब 12वीं में 40 फीसदी अंक वाले भी एडमिशन लेने के लिए पात्र होंगे। पहले डीएमई कार्यालय ने आरक्षित वर्ग के लिए 12वीं में 45 फीसदी अंक अनिवार्य कर दिया था। इसका छात्रों ने विरोध किया था। कट आफ कम करने के बावजूद रजिस्ट्रेशन के लिए डीएमई का पोर्टल नहीं खोला गया है। जबकि आदेश जारी हुए 10 दिनों से ज्यादा हो गया है। कट आफ नहीं बढ़ाने से कई छात्राएं बीएससी नर्सिंग में एडमिशन से चूकने वाली थीं। छात्राओं व पालकों का विरोध काम आया और शासन को कट आफ बढ़ाना पड़ा। शासन के आदेश में स्पष्ट है कि 12वीं के फिजिक्स, केमेस्ट्री व बायोलॉजी में 40 फीसदी अंक होने पर छात्राएं एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगी। गौरतलब है कि कोरोना के कारण इस सत्र में व्यापमं से प्री नर्सिंग टेस्ट नहीं करवाया गया। शासन ने 12वीं के मेरिट के अनुसार एडमिशन देने का निर्णय लिया है। लेकिन डीएमई कार्यालय के कट आफ से विवाद हो रहा था। एडमिशन के लिए 7 अक्टूबर तक आवेदन मंगाया गया था। अब कट आफ बढ़ाने से आवेदन के लिए छात्राओं को अतिरिक्त समय दिया जाएगा, ताकि पात्र आवेदन कर सकें। प्रदेश में 8 सरकारी समेत 105 नर्सिंग कॉलेज है, जहां बीएससी नर्सिंग कोर्स संचालित किया जा रहा है। इन कॉलेजों में 5000 से ज्यादा सीटें हैं। हालांकि डीएमई कार्यालय ने आवंटन सूची जारी नहीं की है।
साभार: दैनिक भास्कर

