न्यायिक अधिकारियों व वकीलों की हुई बैठक
रायगढ़. आठ महीने बाद मंगलवार से जिले के न्यायालयों में कामकाज शुरू हुआ है। पहले दिन कोर्ट परिसर में पक्षकार और वकील कम दिखे। कोर्ट परिसर में काम कैसे हो इसे लेकर दोपहर 2 बजे न्यायिक अधिकारियों और वकीलों के बीच बैठक हुई है। बैठक में तय हुआ कि पांच साल पुराने मामले, क्लेम और हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिन मामलों पर ट्रायल चलता है, वे प्रकरण जिनमें आरोपी जेल में हैं, इनकी सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक कोर्ट परिसर पर न्यायिक कामकाज होंगे। न्यायिक अधिकारियों का कहना हैं कि कोविड संक्रमण को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से कोर्ट को खोला जाएगा। इसके अलावा परिवार न्यायालय में भी कामकाज शुरू कर दिया गया है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी बुधवार को फिर बैठक करेंगे। इसमें कोर्ट के कामकाज को लेकर न्यायिक अधिकारियों को सुझाव देने पर चर्चा होगी। अभी जिला न्यायालय में एक डीजे, आठ एडीजे कोर्ट और सीजीएम, चार सिविल जजों की कोर्ट एक-एक दिन के रोटेशन पर काम करेंगी मतलब एक जज की कोर्ट एक दिन के अंतराल पर लगेगी। हाईकोर्ट द्वारा न्यायालयों को जारी निर्देश में भी यह गया है कि जिन न्यायालयों में तीन से ज्यादा न्यायिक अधिकारी हैं। वहां रोटेशन यानि एक-एक की आड़ में सुनवाई की जाए। जिले में सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और सारंगढ़ जैसे स्थानों में न्यायिक अधिकारियों की संख्या कम है इसलिए वहां पर नियमित सुनवाई होगी।
पहले दिन कोर्ट में वकील ही पहुंचे
मंगलवार को कोर्ट परिसर पर सिविल न्यायालयों और एडीजे कोर्ट में हर कोर्ट में 7-8 मामलों की सुनवाई के लिए रखा गया था। पहले दिन वकील और कुछ संख्या में पक्षकार पहुंचे थे, कोर्ट रूम में सिर्फ एक-दो पक्षकारों के साथ वकील कोर्ट रूम में पहुंचे थे। कोर्ट रूम में एक समय में एक-एक वकील को एंट्री दी जा रही है, कोर्ट रूम में न्यायिक अधिकारी और कर्मचारियों चेम्बर को कोविड-19 को देखते हुए प्लास्टिक कवर किया गया है। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि अभी गवाहों को और पक्षकारों को कोर्ट रूम में आने के लिए कुछ समय इसमें एक-एक करके उन्हें एंट्री दी जाएगी।
सभी केस की फाइलिंग हो पाएगी, आज फिर बैठक
“मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों के साथ अधिवक्ताओं की बैठक हुई है। सहमति बनी है कि सभी तरह केस की फाइलिंग हो सकेगी। बुधवार को अधिवक्ता संघ के सदस्यों के साथ फिर से बैठक होगी। कोर्ट रूम में वकीलों को एंट्री दी जाएगी, काम ऑनलाइन भी हो सकेगा। धीरे-धीरे मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इसमें थोड़ा समय लगेगा। किसी कोर्ट मे अर्जेंट सुनवाई एक दिन में नही हो पाती तो दूसरे दिन दूसरे न्यायिक अधिकारी भी उसे सुन सकेंगे।”
-राजेन्द्र पांडेय, अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ

