रायगढ़. शहर के भीतर संकरी सड़क पर लगता है जाम, जर्जर होने से और बढ़ी लोगों की परेशानी
सड़क नहीं बनने से हादसे का भी खतरा बढ़ा
एमआईसी से स्वीकृति मिलने के बाद 15 दिन बाद निगम ने दो सड़कों के निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर बुधवार को जारी किया। शहर की प्रमुख सड़कों के डामरीकरण के लिए दो महीने पहले ही टेंडर जारी हो चुका है। ठेकेदार से एग्रीमेंट नहीं होने के कारण दो सड़कों का वर्कऑर्डर अब भी जारी नहीं किया जा सका है। दरअसल शहर की प्रमुख चार सड़कों में मरम्मत के लिए लगभग दो महीने पहले ही निगम ने लगभग ढाई करोड़ रुपए का प्रपोजल तैयार किया था। इसमें इंदिरानगर, रियापारा, रामपुर क्षेत्रों की प्रमुख सड़कें थी। इन सभी सड़कों पर डामरीकरण किया जाना है। प्रपोजल तैयार होने के बाद इसे एमआईसी में दर स्वीकृति के लिए रखा गया। एमआईसी ने पहले तो टेंडर के प्रतिशत को लेकर टेंडर निरस्त करवाया। इसके बाद निगम दो महीनों तक एमआईसी से दर स्वीकृति नहीं हो पाने की मजबूरी बता कर वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया। 15 दिन पहले जब निगम की एमआईसी ने इसे स्वीकृति दी तो निगम के अफसर दीवाली के बाद टेंडर जारी करने की बात कह कर रुके रहे। दीवाली खत्म होने के बाद जब अंतिम में टेंडर जारी करने की बात आई तो दो सड़कों के लिए टेंडर हो गया लेकिन दो सड़कें फिर से अटक गईं।
अब फिर से जारी होगा टेंडर
पहले केलो ब्रिज से लेकर चक्रधर नगर चौक तक बीटी सड़क के लिए 49 लाख 59 हजार रुपए स्वीकृत किए गए थे। एमआईसी की बैठक में इसे बदलकर जूट मिल मिनी माता चौक से लेकर शनि मंदिर तक कर दिया गया। इस चक्कर में टेंडर प्रक्रिया दोहराई जा रही है। जूट मिल मिनी माता चौक से लेकर शनि मंदिर के बीच सैकड़ों दुकानें हैं। इस बीच मार्ग से कई वार्ड की गलियों की सड़कें भी जुड़ती हैं।
इस सड़कों का वर्क ऑर्डर जारी रियापारा से वाटर वर्ल्ड तक लागत- 4 लाख 10 हजार सड़क के पूरा नहीं होने पर परेशानी: यह सड़क वार्ड नंबर 7 और 9 को जोड़ती है। हर रोज सैकड़ों राहगीर इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं। सड़कों की बुरी स्थिति के कारण स्थानीय बीते तीन सालों से परेशान हैं।
हंडी चौक से निगम कार्यालय तक
लागत- 46 लाख 44 हजार
सड़क नहीं बनने से परेशानी: इस सड़क के बीच शहर का मुख्य बाजार, शहर का कोतवाली थाना, निगम के पूर्व सभापति वार्ड नंबर 17 के पार्षद सलीम नियारिया का घर। इस मार्ग पर हर दिन शहर के हजारों लोगों का आना-जाना होता है लेकिन सड़क जर्जर है।
इन टेंडर के वर्क ऑर्डर अटके
जेबा फार्म हाउस से रामपुर तक की सड़क
लागत-42 लाख 84 हजार
सड़क के पूरा नहीं होने से परेशानी: वार्ड नंबर 8 की यह सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। बड़े- बड़े गड्ढे हो चुके हैं। इस सड़क पर लोग चलना तो दूर गाड़ी लेकर जाना भी पसंद नहीं करते।
जोगीडीपा पुल से सिद्धि विनायक कॉलोनी तक
लागत- 47 लाख 16 हजार
सड़क नहीं बनने से परेशानी: इस यह सड़क गौरवपथ में शामिल हैं। सड़क को बने लगभग 7 साल बीत चुके हैं। सड़क पर लगी डामर की परत पूरी तरह उधड़ चुकी है। गौरवपथ के नाम से बनाई गई सड़क पर अब लोग अब गड्ढों से बचकर चल रहे हैं।
जल्द जारी होगा वर्क ऑर्डर
“मैंने ईई को निर्देशित कर दिया है। जल्द ही सभी मार्गों के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो जाएगा। हम इसकी तैयारी में लगे हैं।”
-आशुतोष पांडेय,आयुक्त

