कलेक्टर ने आवेदन मिलने के बाद दो महीने के अंदर उसका निपटारा किया जरूरी
रायगढ़. समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर भीम सिंह ने मुख्यमंत्री जन चौपाल व पीजी पोर्टल में लंबे समय से गैर निराकृत प्रकरणों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देशित किया कि उक्त प्रकरणों का निराकरण नहीं करने तक संबंधित अधिकारियों का वेतन आहरण नहीं किया जाएगा। नागरिक अपनी समस्या के निवारण के लिए आवेदन देते है जिनका समय पर निराकरण करना हमारी जिम्मेदारी है। आवेदन प्राप्त होने के दो माह के भीतर प्रकरणों का निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी वेतन का आहरण नहीं करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों को निर्धारित समय के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। किसी प्रकार की समस्या आने पर उच्च अधिकारियों को तत्काल अवगत कराते हुए समाधान निकाले। उन्होंने निरीक्षणों के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए उसका 15 दिन के भीतर पालन प्रतिवेदन देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कोविड के मद्देनजर टेस्टिंग को और बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया। कोविड प्रोटोकॉल के पालन के लिए जांच अभियान को शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी करते रहने के निर्देश सभी सीईओ जनपदों को दिए। उन्होंने कहा कि कोविड को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी है। अर्ली ग्रेड लेसन के तहत प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए स्कूलों में तैयार किए जा रहे लाइब्रेरी निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के लिए सभी सीईओ जनपदों से कहा। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत जिले में रेडी टू ईट वितरण का थर्ड पार्टी से सर्वे शीघ्र प्रारंभ करवाने के निर्देश महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को दिए। इस अवसर पर एडीएम राजेन्द्र कटारा, सहायक कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा, अपर कलेक्टर आरए कुरुवंशी, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम तथा सीईओ जनपद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
साभार: दैनिक भास्कर

