अकलतरा. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्राम दर्रीटाड़ से करूमहु तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर 20 लाख रुपए खर्च करने के बाद भी सड़क जर्जर हो गई है। लॉकडाउन के दौरान में मई गड्ढों को भरने के साथ डामरीकरण भी पीएमजेवाई विभाग ने कराया था, लेकिन इतने कम समय में ही इस सड़क पर भारी वाहनों के दबाव के कारण छोटे बड़े लगभग 80 गड्ढे बन गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्राम दर्रीटाड़ से करूमहु पहुंच मार्ग में जगह-जगह गड्ढे बनने एवं सड़क जर्जर होने पर उसकी मरम्मत के लिए 20 लाख रुपए मंजूर करने के साथ-साथ सड़क के गड्ढों को भरकर डामरीकरण का कार्य मई 2020 में कराया गया। सड़क में गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते पहली बरसात में ही सड़क जगह-जगह से उखड़कर गड्ढों में बदल गई है। ग्राम दर्रीटांड़ में बनाई गई पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान मे अकलतरा से अर्जुनी तक फोर लेन सड़क बंद होने से नगर सहित क्षेत्र के लोग कल्याणपुर, दर्रीटाड़, रसेड़ा होकर अर्जुनी स्थित फोर लेन तक आना जाना कर रहे है। मार्ग मे वाहनों की आवाजाही बढ़ने एवं मार्ग व्यस्त होने से सड़क मे बड़े-बड़े गड्ढे उभर जाने से इस पर आवागमन करने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। रात के समय मार्ग मे अंधेरा छा जाने से लोग दुर्घटना का शिकार भी हो रहे है।
ठेकेदार को लिखा है पत्र
“दर्रीटाड़ से ग्राम रसेड़ा तक सड़क में उभर रहे गड्ढों की मरम्मत के लिए ठेकेदार को पत्र लिखा है। मार्ग में भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क गड्ढों में तब्दील हो रही है। 12 टन क्षमता वाली सड़क पर 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।”
-सूर्या राठिया सब इंजीनियर, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
साभार: दैनिक भास्कर

