विकास की बाट जोहता ,प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम कुमेकेला
@सरपंच सचिव की मनमानी से गांव की तरक्की अधर में लटकी
धरमजयगढ़ /पत्थलगांव :- जशपुर जिले के पत्थलगांव में तीन साल पहले घोषित प्रधानमंत्री आदर्श गांव कुमेकेला में विकास के ज्यादातर कार्य अधूरे पड़े हैं. इस गांव के बाहर प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम का बोर्ड लगाने के बाद आबंटन के अभाव में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस गांव से मुंह फेर लिया है. तीन साल पहले केन्द्रीय ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने कुमेकेला गांव पहुंच कर इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों का गांव बनाने की घोषणा की थी. यंहा शहरी क्षेत्र की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजना तैयार की थी. सीसी रोड़ और नाली निर्माण कार्य की शुरुआत भी की गई लेकिन अब ये कार्य अधूरे पड़े हैं.
केन्द्रीय ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने कुमेकेला गांव पहुंच कर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों का गांव बनाने की योजना तैयार की थी. प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना के तहत कुमेकेला गांव का कायाकल्प होने की बाट से ग्रामीणों ने घर घर दीप जलाकर अधिकारियों का स्वागत किया था. अब गांव में अधूरी सीसी सड़क, मंगल भवन, तालाब, पुलिया और नालियों के अभाव में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कुमेकेला गांव मे पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए नल जल योजना का काम भी अधर में लटका हुआ है. कुमेकेला ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव की लापरवाही से प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी अनदेखा कर देने से ग्रामीण काफी नाराज हैं. पत्थलगांव जनपद अधिकारी का कहना है कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास विभाग ने कुमेकेला गांव को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम तो घोषित किया है लेकिन यंहा के विकास कार्यों के लिए आबंटन नहीं मिल पाया है. इस वजह अन्य योजनाओं के तहत सड़क, बिजली, पानी और नाली निर्माण के कार्य स्वीकृत किऐ गए हैं.

