रायगढ़. छाल में एसईसीएल ने छह मिलियन टन माइंस का काम 2013-14 में शुरू किया था। पांच गांव छाल, खेदापाली, चंद्रशेखरपुर, नवापारा, पोस्लदा गांव में जमीन अधिग्रहित की गई है। नियमों के मुताबिक 415 लोगों को नौकरी दी जानी थी। प्रभावित किसान सतीश राजपूत ने बताया कि एसईसीएल द्वारा हर बार दो-तीन माह समय लिया जा रहा है लेकिन नौकरी नहीं दी जा रही है। छह वर्षों से नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। इस विषय को लेकर 5 नवंबर को कलेक्टर भीम सिंह की अध्यक्षता में एसईसीएल प्रबंधन, प्रभावित गांव के लोगों के बीच बैठक हुई थी। कलेक्टर ने एसईसीएल को 7 दिन का समय दिया था। समय बीत जाने के बाद भी एसईसीएल ने कोई जवाब नहीं दिया है। इसे लेकर प्रभावित गांव के 50 लोगों ने सोमवार को कलेक्टर से मिलने पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने एसईसीएल के सीएमडी से बातचीत कर जल्द ही प्रभावित लोगों को नौकरी देने के लिए टाइम लिमिट तय करने के लिए कहा है। इधर प्रभावित गांव के रूपेन्द्र राठिया ने बताया कि यदि आठ दिनों के भीतर एसईसीएल से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
साभार: दैनिक भास्कर

