रायगढ़. इंडस्ट्रियल एरिया के 23 फर्नेस व स्पंज आयरन सहित 40 उद्योगों में उत्पादन शुरू
स्पंज और स्टील उद्योगों को पिछले महीने राज्य सरकार से बिजली बिल में प्रति यूनिट 1.25 रुपए की सब्सिडी मिली थी। इंडस्ट्रियल एरिया के फर्नेस और रोलिंग मिल के अलावा स्पंज और स्टील उद्योगों को इससे राहत मिली है। इस महीने सब्सिडी के अनुसार बिजली बिल आना भी शुरू हो गया है। त्योहार और थोड़ी राहत मिलने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया में कुछ महीनों से बंद 40 प्लांट्स में प्रोडक्शन शुरू हो गया है। सरकार ने अप्रैल से सब्सिडी घोषणा की है, छोटे और माध्यम उद्योगपतियों कहना है कि सब्सिडी यदि अप्रैल से मिलती है राहत मिल जाएगी। इसी उम्मीद से उद्योगों के एक-एक यूनिट शुरू की जा रही है। हालांकि उद्योगों को आयरन ओर महंगे होने की वजह से कुछ नुकसान उठाना पड़ रहा है। मौसम साफ होने के बाद रायपुर, दुर्ग जैसी जगहों में टीएमटी, इंगॉट, ब्लेड जैसे प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ी है। इस्पात उद्योग संघ के जीआर अग्रवाल ने बताया कि जिंदल इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली की सप्लाई जिंदल उद्योग करता है। सरकार ने 1 रुपए 25 पैसे प्रति यूनिट सब्सिडी दी है। जिंदल उद्योगों को 63 पैसे प्रति यूनिट सब्सिडी दे रहा है। कुछ दिनों पहले जिंदल प्रबंधन और इस्पात उद्योग संघ के पदाधिकारियों के साथ में यह बैठक हुई थी। पहले जिंदल 5 रुपए 65 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दे रहा था अब दर पांच रुपए प्रति यूनिट है।
23 इंडस्ट्री को फायदा
राज्य सरकार ने 1 रुपए 25 पैसे प्रति यूनिट में सब्सिडी देने की घोषणा अप्रैल 2020 में की थी। नंबवर से इसका फायदा मिलना शुरू हुआ है। जिले के 16 स्पंज आयरन इंडस्ट्री और 7 रोलिंग मिल को इससे फायदा होगा। प्रति यूनिट 6.30 रुपए खर्च होते थे, 1.25 रुपए की सब्सिडी मिलने पर अब 5.05 रुपए प्रति यूनिट का खर्च आएगा।
आयरन ओर में डेढ़ हजार रुपए ज्यादा में मिल रहा
इस्पात उद्योग संघ के कोषाध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बताया कि पहले स्पंज आयरन 9 हजार रुपए प्रति टन मिल रहा था, लेकिन अब साढ़े 10 हजार रुपए का भाव है। आयरन ओर पहले 18 हजार रुपए टन में मिल जाता था लेकिन अब भाव 26 हजार रुपए प्रति टन हो गया है। आठ हजार रुपए टन अधिक लग रहा है। इस वजह से उद्योगपति एक-एक यूनिट करके चालू कर रहे हैं। धीरे-धीरे डिमांड बढ़ेगी। इसी माह से अगले माह तक बाकी सब्सिडी भी मिल जाएगी।
अगले महीने होगा भुगतान
“स्पंज, फर्नेस उद्योगों को अप्रैल से सब्सिडी मिलनी है। अभी इस महीने जो बिल आया है, उसमें एक महीने में ही सब्सिडी दी है। रायपुर मुख्यालय स्तर पर साफ्टवेयर अपडेट का काम हो रहा है। यह काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, अगले महीने बिल में उद्योगों को छह महीने की सब्सिडी के साथ में बिजली बिल दे दिया जाएगा।”
-भूषण लाल वर्मा, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, सीएसपीडीसीएल
साभार: दैनिक भास्कर

