रायगढ़. बॉस्केटबाॅल की महिला खिलाड़ी सोमवार को एसपी ऑफिस में एडिशन एसपी से मिलीं और खेल अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। महिला खिलाड़ियों के अनुसार खेल अधिकारी की उन पर गंदी नजर हैं। कई बार उन्हें भद्दे कमेंट किए गए हैं। एएसपी ने उन्हें चक्रधर नगर थाने भेजा था। रायगढ़ स्टेडियम में बास्केटबॉल खेलने वाली युवतियों के अनुसार शौचालय में जहां लड़कियां कपड़े बदलती हैं। संजय पॉल ऊपर छत से खिड़की के पास आकर ताक-झांक करते हैं। रायगढ़ स्टेडियम में प्रवेश करने से लेकर खेलने के दौरान लगातार संजय लड़कियों पर बुरी नजर रखते हैं। इन सब की शिकायत लेकर कुछ दिनों पहले ही उनकी कोच अंजू जोशी खेल अधिकारी से मिलने गई थी। महिला कोच ने जब शिकायत की तो खेल अधिकारी दुर्व्यवहार करने लगे। खिलाड़ियों का आरोप है कि शिकायत के बाद से लगातार खेल अधिकारी उन्हें खेलने पर अड़चन लगा रहे हैं। इस बात की शिकायत लेकर सोमवार को खिलाड़ी एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा से मिलने पहुंचे थे। एएसपी ने आवेदन लेने के बाद आश्वासन देते हुए उन्हें चक्रधर नगर थाने में जाने कहा। एसपी ऑफिस से निकलकर महिला खिलाड़ी चक्रधर नगर थाने पहुंची। यहां पर पुलिस ने कार्रवाई का आश्वसान देते हुए आवेदन ले लिया है।
अहम की लड़ाई में बच्चों का खेल खराब
जिले में स्टेडियम और फॉरेस्ट क्लब में इस तरह की खींचतान चलती है। यहां सालों से जमे सीनियर खिलाड़ी और कोच अपना एकाधिकार बनाकर रखना चाहते हैं। कुछ दिन पूर्व बैडमिंटन कोच से संबंधित एक विवाद सामने आया था जिसमें बच्चों ने शिकायत की थी। दरअसल सालों से स्पोर्ट्स टीचर बने खिलाड़ी स्टेडियम और क्लब में खेलने जाने वाले अफसरों से नजदीकी बना लेते हैं। अपने रुतबे से न केवल ग्राउंड पर मनमानी करते हैं बल्कि नए कोच और प्रतिभाओं को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करते हैं। थोड़ा भी टकराव होने पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो जाता है। समय-समय पर कोच और खेल प्रभारी बदले जाएं तो इस तरह के मामले टाले जा सकते हैं।
आरोप…लड़कियों को मिलने बुलाते थे खेल अधिकारी
कुछ लड़कियों ने अपने नाम से शिकायत करते हुए बताया कि खेल अधिकारी उन्हें अच्छा मौका देने के नाम पर अकेले में मिलने बुलाते थे। इसी तरह कई लड़कियों को फोन पर भी परेशान किया गया। इस तरह के कई गंभीर आरोप खेल अधिकारी पर खिलाड़ियों ने लगाए हैं।
झगड़े में घसीट रहे हैं मुझे
“मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता है। मेरे ऊपर क्यों आरोप लगाए जा रहे हैं। एक सीनियर खिलाड़ी और महिला कोच के बीच का विवाद है। मुझे जबरन बीच में घसीटा जा रहा है।”
-संजय पॉल, सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण

