अच्छी शुरुआत, जहां सॉफ्टवेयर खराब वहां रजिस्टर में इंट्री कर खरीदी
रायगढ़. मंगलवार से जिले में 110 सोसाइटी में धान खरीदी शुरू होनी थी। 29 सोसाइटियों में टोकन नहीं कट पाने की वजह से खरीदी शुरू नहीं हो पाई है। पहले दिन जिले में कुल 81 उपार्जन केंद्रों में 846 किसानों ने 34 हजार 750 क्विंटल धान बेचा। कुछ जगह सॉफ्टवेयर में दिक्कत से टोकन नहीं कटे तो रजिस्टर में किसानों की इंट्री कर खरीदी हुई। कुछ जगहों पर धान की क्वालिटी खराब होने पर किसानों को लौटना भी पड़ा। कलेक्टर भीम सिंह और एसपी संतोष सिंह ने दिनभर दौरा कर जिले की समितियों में धान खरीदी का जायजा लिया और निर्देश दिए। सोसाइटियों में मॉनिटरिंग के लिए देर शाम तक बड़ी सोसाइटियों में खरीदी चलती रही। शाम 4 बजे किसान तक धान बेचने के लिए आते रहे। धरमजयगढ़ के घरघोड़ी और सारंगढ़ के कोसीर में दो जगहों में तकनीकी गड़बड़ी के कारण धान नहीं खरीदा जा सका। जिन नई सोसाइटियों में खरीदी शुरू हुई वहां टोकन काटने की व्यवस्था नहीं थी यहां एक-दो किसानों से ही धान खरीदा गया।
इंट्री ऑफलाइन, खराब धान वापस किया
पुसौर ब्लॉक के केशला सोसाइटी में मंगलवार को 6 किसानों से 634 क्विंटल धान खरीदना था। दो किसानों के धान की क्वालिटी ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें वापस लौटा दिया गया, चार किसान धान बेच सके। धान खरीदी के लिए पहुंचने वाले किसानों की ऑनलाइन इंट्री सही तरह से नहीं हो पा रही थी। रजिस्टर में मैनुअल इंट्री करके किसानों को लौटाया गया। धान कब खरीदा जाएगा इसकी सूचना उन्हें बाद में मोबाइल से दी जाएगी। पुसौर में बड़े हरदी में सोमवार को टोकन नहीं कटने की वजह से खरीदी नहीं हो पाया था। यहां पर शाम 4 बजे तक धान खरीदी हो पा रही थी।
नई सोसाइटी में 1 किसान से खरीदा धान
नई सोसाइटियों के गठन के बाद गढ़उमरिया स्थित धान खरीदी केंद्र बनाया गया है। मंगलवार को खरीदी के पहले दिन सिर्फ एक किसान से 68 कट्टा धान खरीदा जा सका था। दोपहर 3 बजे तक यहां टोकन काटने को लेकर और खरीदी केंद्रों तक पहुंच मार्ग नहीं बन पाया था। यहां कम्प्यूटर ऑपरेटर नियुक्त नहीं हो सका था। नए केंद्र में चबूतरे का भी निर्माण नहीं हो पाया है। यहां 593 किसानों से 35 हजार क्विंटल धान खरीदना है। बिंजकोट में भी इस बार नया केंद्र बनाया गया है, यहां एक किसान ने धान बेचा। यहां व्यवस्था देखने कलेक्टर और विधायक भी पहुंचे।
सॉफ्टवेयर ठीक होने में लगेगा एक दिन समय
“धान खरीदी शुरू हो गई है। देर शाम तक खरीदी चलती रही। नई सोसाइटियों में सॉफ्टवेयर में थोड़ी दिक्कत रही लेकिन फिर भी धान खरीदा गया है। सॉफ्टवेयर राज्य स्तर पर ठीक किया जा रहा है। घरघोड़ी और कोसीर में अपडेशन की वजह से सॉफ्टवेयर में प्रॉब्लम था, उसे ठीक कर लिया गया है। एक- दो दिन में व्यवस्थित तरह खरीदी होने लगेगी।”
-एसके गुप्ता, डीएमओ
साभार: दैनिक भास्कर

