कलेक्टर बोलें: ये गांव दूसरों के लिए हैं मिसाल, इनसे हमें सीख लेना चाहिए
रायगढ़. कोरोना संक्रमण के मामले में जिला प्रदेश में तीसरे नंबर पर है, वहीं जिले की 544 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां अब तक कोरोना की एंट्री नहीं हुई है। इन गावों में कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें से कई गांव तो शहरी सीमा से लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब दूसरों को भी कोरोना से बचने के लिए प्रेरित कर रहा है। जिला पंचायत भी इन गावों के जन प्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करने और सम्मान देने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले के नौ ब्लाकों में 1,448 गांव हैं, लेकिन इनमें से 544 गांव ऐसे हैं, जहां बाहरी लोगों का आना-जाना बहुत कम है। पिछले 9 महीनों में 544 गांव कोरोना संक्रमण से दूर हैं। साथ ही इन गांवों के लोग कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से लगातार अपने गांव को बचाने के लिए तरह-तरह की जुगत लगा रहे हैं। जिससे अभी तक यहां के लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। राज्य सरकार लोगों को लगातार हिदायत दे रही है कि भीड़ में न रहें हैं ।
ऐसे गांवों के रहन-सहन पर रिसर्च होना चाहिए: सिंह
कलेक्टर भीम सिंह ने बताया, इन ग्रामीणों ने एक मिसाल पेश की है और दूसरे गांवों को इससे सीखना चाहिए। वर्तमान में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर ग्रामीणों ने कोरोनो को अपने यहां घुसने तक नहीं दिया। यहां के ग्रामीणों ने सारे आयोजन सोशल डिस्टेंसिंग पालन करते हुए रहे, खेती बाड़ी करते समय भी मास्क लगाया। इस पर रिसर्च होना चाहिए। लॉकडाउन में इन गांव वालों ने तो स्वस्फूर्त अपने गांव को बंद कर लिया था। सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी बताते हैं “ग्रामीणों ने कोरोना को लेकर ज्यादा सतर्कता बरती जिसके कारण 544 गांव में एक भी केस नहीं है। यह जिले के छोटे-छोटे गांव हैं, साथ ही यहां बाहर से आने वाले लोगों को 14 दिन तक गांव से बाहर रखा गया था, इसके बाद अभी भी पूरी सावधानी बरती जा रही है, जिसके कारण यहां कोरोना नहीं पहुंचा है।“
साभार: दैनिक भास्कर

