नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में शिव सेना निकालेगी रैली
चारामा से जगदलपुर तक तीन दिवसीय रैली,आमसभा व हल्ला बोल कार्यक्रम होगा
रायगढ़। शिव सेना द्वारा बस्तर क्षेत्र के नगरनार में स्थापित हो रहे नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में तथा आदिवासी बहुल क्षेत्र बस्तर में युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 14 से 16 तक तीन दिवसीय रैली का आयोजन प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के नेतृत्व में किया जा रहा है। यह पदयात्रा चारामा से शुरू होकर जगदलपुर में आमसभा के साथ समाप्त होगी तथा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौपा जावेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए शिव सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि बस्तर की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियों में नगरनार में स्टील प्लांट की आधारशिला सन 2001 में रखी गई। स्पष्ट है कि जब किसी भी जगह प्लांट बनता है तो वहाँ की जमीन ली जाती है लेकिन उसमें स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान रखा जाना है , फिर अचानक नीजिकरण विनेशीकरण की बात आ गयी । एनएमडीसी पिछले पांच दशकों से बस्तर में उत्खनन का कार्य कर रही है, यह बस्तर का इकलौता उधोग है जो पब्लिक सेक्टर का है , एक उम्मीद थी अगर पब्लिक सेक्टर का स्टील प्लांट बनेगा तो बस्तर का विकास होगा और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा होगी। 2001 से यह प्लांट प्रक्रियाधीन था और आज पूर्णत: की ओर है।
इसी बीच केन्द्र सरकार द्वारा एक षडय़ंत्र के तहत नीति आयोग का गठन कर दिया गया जिसने नगरनार संयत्र को विनेशीकरण की सूची में डाल दिया और तर्क देते हुए कहा कि यह कम्पनी जो स्टील प्लांट को हैंडल नहीं कर सकती इसलिए इसका निजीकरण आवश्यक है और डी एन्ड मर्ज की घोषणा के साथ विनवेशीकरण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए और इस प्रकार बस्तरवासियों के साथ छलावा किया गया, चूंकि यहां पर पांचवी अनुसूची लागू है अनुसूचित जनजाति बाहुल क्षेत्र है। आदिवासियों की जमीन पर प्रतिबंध है लेकिन छल कर पहले जमीन ली गई और पुनर्वास योजना जैसे पहले खेल खेला गया उसी स्थिति में आज बस्तरवासी – छत्तीसगढिय़ा – नौजवानों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। शिवसेना इस निजीकरण का पुरजोर विरोध करेगी। राजेश जैन ने कहा कि किसानों के साथ भी अन्याय हो रहे हैं। सरकारें सिर्फ इस कोठी का धान उस कोठी में डालकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। सरकार चाहे किसी की भी रहे छत्तीसगढ़ियों को केवल ठगने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ियों को उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए शिव सेना द्वारा हमेशा से संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि वे शिव सेना की सदस्यता ग्रहण कर अपने हक की लड़ाई के लिए आगे आये।

