1371 किसानों की शिकायत जांच में गलत मिली तो आवेदन को कर दिया निरस्त
रायगढ़. सुधार के बाद गिरदावरी की फाइनल रिपोर्ट राजस्व विभाग ने तैयार कर ली है। शिकायत की जांच के बाद 3 हजार 462 किसानों का 3 हजार 382 एकड़ रकबा बढ़ा है। सबसे ज्यादा सारंगढ़ में जमीन के रकबे में सुधार किया गया। यहां 1367 किसानों का रकबा 1357 एकड़ बढ़ा है। इस बार गिरदावारी में अन्य विभागों के अफसरों के साथ राजस्व कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन जिस तरह से किसानों की संख्या रजिस्ट्रेशन के बाद बढ़ी है, उसे देखते हुए तीन- चार ब्लॉकों का रकबा नहीं बढ़ा। रकबा सुधार के लिए आए 1371 किसानों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। सोमवार की शाम तक गिरदावरी में सुधार का काम चला। मंगलवार को भू अभिलेख शाखा ने फाइनल रिपोर्ट तैयार की। ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस साल धान बेचने वाले 10 हजार 9 सौ किसान बढ़े हैं जब कि गिरदावरी के बाद 5 हजार 692 एकड़ रकबा ही बढ़ा था। गिरदावारी में सुधार करने के बाद इसमें 3 हजार 382 एकड़ रकबा और बढ़ गया। इस प्रकार जिले का कुल रकबा 9075 एकड़ बढ़ गया है। रकबे में और बदलाव की संभावना है क्यों कि खाद्य विभाग के अनुसार किसानों से रकबा सुधार के लिए और आवेदन लिए जाएंगे। मंगलवार को नई रिपोर्ट आने से 34 किसानों ने राहत महसूस की। अब वे नए रकबे के अनुसार अपना धान खरीदी केंद्र में बेच सकेंगें।
सबसे ज्यादा सारंगढ़ व सबसे कम तमनार से आए आवेदन
रकबा सुधारने के मामले में जिले में सारंगढ़ ब्लाक के किसान आगे रहे। सबसे कम 2 आवेदन तमनार से आए हैं। यहां जांच के बाद मात्र 2.7 एकड़ रकबा बढ़ा। रकबा बढ़ाने के मामले में दूसरे नंबर पर बरमकेला ब्लाक रहा। सारंगढ़ में सबसे ज्यादा सारंगढ़ में 2363 आवेदन आए थे, जिसमें 2163 जांच में सही मिले, लेकिन 1367 आवेदनों में ही में ही जमीन बढ़ पाई। 796 आवेदनों में जमीन के रकबे में कोई सुधार नहीं आया। इसी तरह बरमकेला, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, धरमजयगढ़ से भी जमीन का रकबा सुधारने के आदेश आए। रायगढ़ ब्लाक से 376 आवेदन की जांच में 353 आवेदन सही मिले तो किसानों का 371.97 एकड़ रकबा बढ़ गया।
शिकायत मिलने पर सुधारते रहेंगे रकबा
“अभी गिरदावरी में सुधार के लिए पोर्टल को चालू रखा गया है। अब भी कोई किसान जमीन का रकबा घटने की शिकायत करता है तो उसमें सुधार किया जाएगा।” जीपी राठिया, खाद्य अधिकारी
साभार: दैनिक भास्कर

