पीड़ित को 10 हजार मानसिक क्षतिपूर्ति व दो हजार खर्च भी मिलेगा
रिलायंस इंश्योरेंस कंपनी करेगी भुगतान
जांजगीर. जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए सेवा में कमी करने वाले पक्षकारों को आवेदकों को हित लाभ देने कहा है। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय भुगतान करने का आदेश दिया है। पहले प्रकरण में चांपा तहसील के ग्राम अफरीद निवासी मिलन प्रसाद बनाफर पिता मंगलू राम के आवेदन पर रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को चोरी गए वाहन की बीमा राशि भुगतान करने कहा है। मिलन ने 17 अक्टूबर 2017 को दो पहिया वाहन खरीदा था। इसका बीमा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस से कराया था। 16 अक्टूबर 2018 को बाइक चोरी हो गई जिसके बीमा रकम की मांग मिलन द्वारा कंपनी से की गई, लेकिन कंपनी ने सेवा में कमी करते हुए भुगतान में आनाकानी किया। मामला उपभोक्ता आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तजेश्वरी देवी देवांगन, सदस्य मनरमण सिंह तथा मंजूलता राठौर ने फैसला सुनाया कि बाइक की बीमा रकम ₹48 हजार 70 डेढ़ महीने के भीतर आवेदक को देना होगा साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 10 हजार रुपए तथा वाद व्यय 2000 का भुगतान करना होगा।
बिजली बिल की राशि से उपभोक्ता को मिली राहत
अकलतरा के मोहम्मद मुश्ताक पिता मोहम्मद सलीम ने एक राइस मिल किराए पर ली है। उक्त राइस मिल में विद्युत मंडल के सतर्कता विभाग द्वारा जांच की गई तथा आरोप लगाया गया कि मीटर में गड़बड़ी है। उपभोक्ता मुश्ताक को 47884 रुपए का अतिरिक्त बिल भेजा। मीटर सही होने का हवाला देते हुए तथ्यों सहित मुश्ताक ने अधिकारियों से संपर्क किया और अपना पक्ष रखा। लेकिन, अधिकारियों ने सेवा में कमी करते हुए बिल को सही बताया। मुश्ताक ने मामले को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष पेश किया जहां दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत आयोग की अध्यक्ष तजेश्वरी देवी देवांगन सदस्य मनरमण सिंह तथा मंजू लता राठौर ने उक्त बिल को शून्य घोषित करते हुए बिजली चालू करने का निर्देश दिया साथ ही आवेदक को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 10,000 तथा वाद व्यय स्वरूप 2000 रुपए भुगतान करने का आदेश दिया है।
साभार: दैनिक भास्कर

