तीसरे साल के बजट मे भी अपना घोषणा पूरा नहीं कर पाई कांग्रेस सरकार – विकास केडिया
युवा वर्ग व किसानों को फिर से छलावा, बेरोजगारी भत्ते और किसानों के बोनस के विषय में कोई चर्चा नहीं
प्रदेश भाजयुमो नेता व पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष विकास केडिया ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गड़बो नवा छत्तीसगढ़ की जगह डुबोबो छत्तीसगढ़ी हो रहा है, घर घर रोजगार का वादा, शिक्षा में, स्वास्थ्य में कुछ विशेष देखने को नही ,इस बजट से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार के पास कोई योजना और कोई प्लानिंग नहीं है बस मुख्यमंत्री जी ने केंद्र की योजनाओं को सामने रह कर बजट की रुप रेखा प्रस्तुत कर दिया है | विगत 2 वर्षों से विकास कार्य ठप पड़े हैं छोटे छोटे काम के लिए लोग परेशान हो रहे हैं पुलिस प्रशासन की स्थिति दयनीय है महिलाएं सुरक्षित नहीं है |
उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व हर घर रोजगार घर-घर रोजगार का नारा देने वालों ने छत्तीसगढ़ के 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रुपया प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। लेकिन बजट में नई नौकरी ,स्वरोजगार , कौशल विकास का जिक्र तक न हीन ही स्वरोजगार को लेकर कोई ठोस नीति हैं और ना ही बेरोजगारी भत्ता के लिए कोई प्रावधान। छत्तीसगढ़ के 30 फ़ीसदी जनजाति के लिए केवल 170 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जबकि बजट का कुल 32% हिस्सा जनजाति वर्ग के लिए उपयोग करना चाहिए था। ये किसानों के साथ न्याय कि बात करते हैं परंतु बजट में किसानों के दो सालों से बचे बोनस का कोई प्रावधान नहीं है |
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री जी ने छत्तीसगढ़ की जनता को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगवाने की बात कही थी पर बजट में कही भी इस बात का जिक्र नहीं है | जिस तरीके से कांग्रेस गंगाजल हाथ में लेकर और झूठे वादे करके सत्ता में आई है और छत्तीसगढ़ के जनता के साथ धोखेबाजी कर रही है। ठीक उसी प्रकार यह बजट भी है इनके किसी भी बात में दम नहीं है |
इस संपूर्ण बजट का सार देखे तो निश्चित रूप से घोर निराशा भरा है।

