पैतृक जमीन को अपने नाम कराने 5 लाख देने वाले ग्रामीण ने बरमकेला तहसील कार्यालय के सामने दी थी जान
रायगढ़. बरमकेला तहसील कार्यालय के सामने ग्रामीण द्वारा जहर सेवन करने के चर्चित मामले में मर्ग जांच उपरांत बरमकेला पुलिस द्वारा ग्रामीण को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले चार लोगों पर एफआईआर किया गया है ।
जानकारी के अनुसार 2 अगस्त को जिले में तब बवाल मच गया था जब तहसीलदार और दफ्तर के लोगों पर कथित तौर पर परेशान करने और जमीन संबंधी उसके प्रकरण का निपटारा नहीं करने का आरोप लगाकर किसान ने तहसील ऑफिस के सामने जहर पीकर जान दे दी थी। कलेक्टर ने तुरंत जांच के आदेश दिए,
पता चला कि कंटगपाली सरिया का बैरागी मिरी की पैतृक जमीन थी। बैरागी के पिता की मौत के बाद कायदे से जमीन पर बैरागी के साथ ही उसकी भतीजी समेत अन्य लोगों का हिस्सा था। वह पिता के मौत की फौती (मरने के बाद रिकार्ड दुरुस्ती) कटवाना चाहता था। उसने जमीन बेचने का कथित तौर पर धनसिंह मिरी से सौदा कर लिया। गांव का भुवनेश्वर खुटे जो वार्ड का पंच है, एक दिन मृतक के घर आया और बोला की मैं फौती तहसीलदार से कटवा दूंगा, इसके लिये 05 लाख रूपये लगेगा । भुवनेश्वर के साथ गांव के धनसिह मिरी, शिवमंगल लहरे भी आये थे । मृतक अपने परिवार के माधव मिरी से 05 लाख रू. उधारी लेकर भुवनेश्वर खुंटे, धनसिंग मिरी एवं शिवमंगल लहरे को दिया । तीनों पैसा ले लिये और फौती भी नहीं कटवाये । जिससे बैरागी मिरी परेशान था । 2 अगस्त को तहसील कार्यालय बरमकेला में बैरागी मिरी लिखापढी करने के पहले भुवनेश्वर खुंटे, धनसिह मिरी से मेरा पैसा कब वापस करोगे पूछा तो माधव मिरी, भुवनेश्वर खुटे ,धनसिह मिरी द्वारा विवाद करने लगे जिससे प्रताडित होकर अपने पास रखे कीटनाशक जहर का सेवन कर लिया।


