मोटरसाइकिल के इंश्योरेंस पर धड़ल्ले से दौड़ रही ट्रकें
▪️ ट्रांसपोर्टर की मनमानी, विभाग बैठा आंखें मीचे
खरसिया। रैक पॉइंट पर लग रही ट्रकें या तो अनफिट होती हैं या फिर उनके पास इंश्योरेंस के पेपर उपलब्ध नहीं होते। बावजूद धड़ल्ले से यह अपने काम पर लगी हुई हैं और यह सब कुछ जानकर भी विभाग आंखें मूंदे ट्रांसपोर्टर को बढ़ावा दे रहे हैं।
नगर में करीब 150 ट्रकें रेक पॉइंट से एफसीआई गोडाउन तथा अन्यान्य अपने मुकाम तक चलती हैं। परंतु इनमें से 70 प्रतिशत के पास इंश्योरेंस के पेपर उपलब्ध नहीं होते। वैसे तो दिखावे के लिए सभी ट्रकों के पास इंश्योरेंस के पेपर हैं, परंतु बारीकी से जांच की जाए तो 70 प्रतिशत से अधिक ट्रकों के मालिकों ने अपनी अपनी मोटरसाइकिल के इंश्योरेंस के पेपर ट्रकों में रखे हुए हैं। वहीं आरटीओ के रहमों करम से 50 प्रतिशत से अधिक अनफिट गाड़ियां रेक पॉइंट पर अपने कामों में लगी हुई हैं। जानकारों की मानें तो एफसीआई गोडाउन में रजिस्टर ट्रक तो इंश्योरेंस तथा कंप्लीट फिटिंग वाली कराई जाती हैं, परंतु परिवहन ठेकेदार के द्वारा द्वारा अनफिट और बिना इंश्योरेंस की ट्रकों से एफसीआई गोदामों में ट्रांसपोर्ट किया जाता है। ऐसा नहीं है कि विभाग को इसकी जानकारी ना हो, परंतु यह सब कुछ चलता रहता है।
जब-जब रेकप्वाइंट पर माल आता है तब अनफिट ट्रकों के मालिक सक्रिय हो जाते हैं। वहीं धड़ल्ले से चावल खाद सीमेंट का परिवहन करते हैं। ट्रकों के मालिकों द्वारा रोड टैक्स तक नहीं पटाया जाता। ऐसा लंबे समय से चल रहा है। बावजूद आरटीओ द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही का ना होना संडे की परिधि में आता है।

