सारंगढ।रायगढ़ जिले से अलग होकर नया जिले के रूप में अस्तित्व आये सारंगढ़ में माफियाओं की कमी नही है,यहां भू माफिया रेत और खनिज माफियाओ का एक छत्र राज चलता है विशेष कर हम बात करे तो गुडेली के दो बडे नामो की चर्चा हर जगह की जाती है,हालही में ये दोनों सुरमा फ्लाईएश से खदान पाट कर पैसे छाप रहे है।एक ने तो अपना काम भी पूरा कर लिया अबकी दूसरे का काम अब भी जारी है।
मुद्दे की बात की जाए तो ग्राम गुडेली के चिन्हित खदानों को भरने का ठेका सुभाष पटेल और कौशिक साहू को दिया गया था जिसके लिए नियम एव शर्ते तय की गई थी ।तय किये गए मापदंड के अनुसार खदान के भराव में जितने टन फ्लाईएश लगना था उतना ही मिट्ठी की लेयर देनी थी ।जबकि सुभाष पटेल ने ऐसा नही किया ।वर्तमान में फ्लाईएश ड़ालकर ही खदानों को भरा जा रहा है जहां मिट्टी की एक लेयर भी देखनो नही मिल रही है।उक्त खदानों में फ्लाईएश से भराव के चलते पानी भी जहरीली हो रही है जिसे गांव वाले निस्तारी करते है ।
एक कि पहुच जिलाधिकारियों तक,तो एक दिखाता है राजनीतिक पुर पहुच
गुडेली के दोनों धुरंधरों की सेटिंग काफी तगड़ी है एक कि पहुच जिले के बड़े अफसरों तक है तो वही दूसरा भी राजनीतिक पहुच रखता है और यही कारण है कि इनपर कोई ठोस कार्रवाई नही हो पाती।स्थानीय कुछ लोगो ने नाम गोपनीय रखने की शर्त में बताए कि सुभाष और कौशिक दोनों खनिज के बड़े व्यापारी भी है जिनके बड़े बड़े पत्थर खदान भी है वे दोनों काम के दिनों में खदानों से अनाफ़ सनाफ़ पत्थर निकाल कर बिना किसी वैध रॉयल्टी के पत्थर की बिक्री करते है और उसी से उनकी कमाई लाखो में होती है बताया कि क्षेत्र में पत्थर और गिट्टी की कालाबाजारी भी इन्ही के सरपरस्ती में फल फूल रहा है जिसपर किसी भी अधिमारी के द्वारा हस्तक्षेप नही किया जाता*

