रायगढ़. साइबर जागरूकता एवं जल संरक्षण को लेकर नगर निगम ऑडिटोरियम में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया। कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में किया गया था।
कार्यशाला में जस्टिस मिश्रा ने कहा कि “साइबर जागरूकता और जल संरक्षण आज के समय में हमारे जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं।” उन्होंने साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूकता को सबसे महत्वपूर्ण बताया। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि, “टेक्नालॉजी तेजी से विकसित हो रही है, इसलिए हमें अपने आप को अपडेट रखना होगा।” उन्होंने साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं के बारे में भी चेताया और कहा कि इस बारे में सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने साइबर अपराधों के बढ़ते दायरे पर चिंता जताई और कहा कि “यदि समझदारी से काम नहीं लिया गया, तो लोग अपनी जमा पूंजी खो सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “अब साइबर ठगी से लोग आर्थिक रूप से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।”
जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी की आवश्यकता
कार्यशाला में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने भी जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि “साइबर सुरक्षा और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता समाज के हर नागरिक के लिए जरूरी है।” उन्होंने कहा कि “हम सबको मिलकर इन समस्याओं के समाधान में सहयोग करना होगा।”
जिला पंचायत के सीईओ जितेन्द्र यादव ने जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि “जिले में जल संरक्षण के लिए कई पहल की जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि “हमने 10,000 से अधिक हैंडपंपों के पास सोख्ता गड्ढे बनाए हैं और 50,000 पीपल के पेड़ लगाए हैं।”
साइबर अपराधों से बचने के उपाय
डीएसपी साइबर अभिनव उपाध्याय ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता के महत्व पर जोर दिया और कहा कि “साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे पहली रक्षा रेखा है।” उन्होंने साइबर ठगी के कुछ तरीकों को साझा करते हुए बताया कि अपराधी तेजी से नए-नए तरीकों का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को सतर्क रहने और अपने परिवार को भी जागरूक करने की आवश्यकता है।
उपाध्याय ने कहा कि “साइबर ठगी के नए तरीके जैसे झूठा शेयर ट्रेडिंग, ब्लैकमेलिंग, सोशल मीडिया पर क्लोनिंग, और अन्य तरीकों से लोग ठगे जा रहे हैं।” उन्होंने सलाह दी कि लोगों को अंजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और टू स्टेप वेरिफिकेशन का उपयोग करना चाहिए।
साइबर अपराध की सूचना कैसे दें
साइबर अपराधों के घटित होने पर डीएसपी उपाध्याय ने बताया कि “पहले एक घंटे को गोल्ड आवर कहा जाता है।” उन्होंने सभी से आग्रह किया कि “यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।” उन्होंने बताया कि लोग 1930 या 94792-81934 पर सूचना देकर सहायता ले सकते हैं।
इस कार्यशाला ने साइबर सुरक्षा और जल संरक्षण की महत्ता को उजागर किया और इसे लागू करने के लिए सभी नागरिकों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कार्यशाला में रायगढ़ के अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे, जो इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित हुए।
इस प्रकार, यह कार्यशाला न केवल जानकारी साझा करने का मंच बना, बल्कि लोगों को सक्रियता से इन समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास भी था।

