बीजापुर : पिछले पांच दिनों से चल रहे एक बड़े नक्सल ऑपरेशन के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के ब्लास्ट में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान घायल हो गया है। यह घटना उस समय हुई जब जवान गलगम से कर्रेगुट्टा पहाड़ी की दिशा में बढ़ रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, जब डीआरजी की टीम नक्सलियों के खिलाफ अभियान पर थी, तभी उन्हें आईईडी का सामना करना पड़ा। इसकी चपेट में आने के कारण जवान को पैर में गंभीर चोट आई है। उसके घायल होने की सूचना के बाद, उसे तत्काल गलगम स्थित सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) कैंप में लाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
घटनास्थल पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकारी घटना को गंभीरता से ले रहे हैं और घायल जवान की हालत की जांच की जा रही है। यदि उसकी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो उसे बेहतर उपचार के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से बीजापुर लाने की योजना बनाई जा रही है।
नक्सलियों के द्वारा बिछाए गए आईईडी का उपयोग पिछले कुछ वर्षों में किया जाने वाला एक आम रणनीति बन गया है, जिससे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बीजापुर क्षेत्र नक्सल गतिविधियों के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है, और इसकी सुरक्षा के लिए विशेष ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं
यह घटना सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को दर्शाती है, जो नक्सलवाद के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालकर लड़ाई कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को जारी रखा जाएगा और किसी भी नुकसान को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा बलों ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि नक्सल गतिविधियों की सूचना समय से मिल सके और उन पर अंकुश लगाया जा सके। इस घटना ने न केवल सुरक्षा बलों बल्कि स्थानीय समुदाय में भी चिंता उत्पन्न की है, जो नक्सल तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

